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Breaking News: उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी के बाद मद्रास उच्च न्यायालय ने रिहाई का आदेश दिया, तमिलनाडु में राजनीतिक सरगर्मी तेज
🕒 1 hour ago

तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन को कथित महिला विरोधी टिप्पणी के मामले में गिरफ्तार किए जाने के बाद मद्रास उच्च न्यायालय ने आज उनकी तत्काल रिहाई का आदेश दे दिया। यह गिरफ्तारी सेनगिपट्टी पुलिस थाने में पूछताछ के बाद हुई थी, जिसके बाद पूरे राज्य में राजनीतिक तनाव व्याप्त हो गया। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) के वरिष्ठ नेता और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के पुत्र उदयनिधि पर एक शिकायत के आधार पर द्विअर्थी और महिला विरोधी टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार उदयनिधि को सेनगिपट्टी पुलिस थाने ले जाया गया जहां उनसे घंटों पूछताछ चली। इस दौरान द्रमुक कार्यकर्ताओं ने थाने के बाहर प्रदर्शन किया और गिरफ्तारी को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया। मामला उच्च न्यायालय पहुंचने पर न्यायमूर्ति ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद गिरफ्तारी को प्रक्रियागत खामियों वाला बताते हुए उदयनिधि को तुरंत रिहा करने का निर्देश दिया। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का हनन नहीं किया जा सकता। इस घटनाक्रम ने तमिलनाडु की राजनीति में उबाल ला दिया है। विपक्षी दलों पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) के नेता अंबुमणि रामदास और भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष प्रेमलता ने पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। वहीं द्रमुक ने इसे केंद्र सरकार के इशारे पर की गई कार्रवाई करार देते हुए राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है। मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा कि कानून अपना काम करेगा लेकिन राजनीतिक प्रतिशोध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद उदयनिधि को रिहा कर दिया गया। उन्होंने रिहाई के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि वे न्यायपालिका का आभार व्यक्त करते हैं और जनता के मुद्दों पर काम जारी रखेंगे। इस पूरे प्रकरण ने राज्य में सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच टकराव को और बढ़ा दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा तमिलनाडु की राजनीति को गहराई से प्रभावित कर सकता है। निष्कर्षतः, उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी और त्वरित रिहाई ने न्यायिक प्रक्रिया की स्वतंत्रता और राजनीतिक अभिव्यक्ति की सीमाओं पर नई बहस छेड़ दी है। जहां एक ओर अदालत ने नागरिक अधिकारों की रक्षा की है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक दल इस घटना को अपने-अपने नजरिए से भुनाने में लगे हैं। तमिलनाडु की जनता अब आगे के घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।

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✍️ By Pradeep Yadav | 04 Aug 2026