फरीदाबाद के एक निजी स्कूल में सोमवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई जब एक नकाबपोश हमलावर ने कक्षा में पढ़ा रही एक शिक्षिका को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। सीसीटीवी फुटेज में कैद इस दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। मृतक शिक्षिका की पहचान 35 वर्षीय सुनीता देवी के रूप में हुई है, जो पिछले कई वर्षों से इस स्कूल में कार्यरत थीं। पुलिस के अनुसार, हमलावर युवक सुबह ही स्कूल के रिसेप्शन एरिया में घात लगाकर बैठा था और जैसे ही शिक्षिका अपनी कक्षा से बाहर निकलीं, उसने उन पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए। सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई भयावह तस्वीरों के मुताबिक, आरोपी ने पहले शिक्षिका को बालों से पकड़कर घसीटा और फिर उन पर लगातार 27 बार चाकू से वार किए। इस दौरान स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और अन्य शिक्षक व छात्र जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार होने की फिराक में था, लेकिन स्कूल के सुरक्षाकर्मियों और स्थानीय लोगों की सूझबूझ से उसे पकड़ लिया गया। पुलिस ने आरोपी को तुरंत हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी युवक शिक्षिका का पूर्व परिचित था और लंबे समय से उसका पीछा कर रहा था। पुलिस उपायुक्त ने मीडिया को बताया कि आरोपी की पहचान 28 वर्षीय रोहित कुमार के रूप में हुई है, जो फरीदाबाद के ही एक गांव का रहने वाला है। जांच में सामने आया है कि आरोपी शिक्षिका से एकतरफा प्रेम करता था और उसके इनकार करने पर उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई थी। वह कई दिनों से स्कूल की रेकी कर रहा था और सोमवार सुबह चाकू लेकर स्कूल परिसर में दाखिल हुआ था। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद कर लिया है और आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) समेत अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। इस घटना के बाद स्कूल प्रशासन ने अगले दो दिनों के लिए अवकाश घोषित कर दिया है। अभिभावकों में अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर भारी आक्रोश और भय व्याप्त है। कई अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर सुरक्षा इंतजामों में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए सभी स्कूलों को सुरक्षा प्रोटोकॉल सख्ती से लागू करने का निर्देश जारी किया है। वहीं, शिक्षक संगठनों ने इस घटना की निंदा करते हुए शिक्षिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार से ठोस कानून बनाने की अपील की है। फरीदाबाद की इस निर्मम हत्याकांड ने एक बार फिर समाज में महिलाओं की सुरक्षा और स्कूलों में बच्चों तथा शिक्षकों की हिफाजत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए जल्द से जल्द न्याय दिलाने का आश्वासन दे रही है, लेकिन इस घटना ने हर संवेदनशील नागरिक के मन में असुरक्षा की गहरी भावना पैदा कर दी है। अब देखना होगा कि प्रशासन और समाज मिलकर ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कौन से प्रभावी कदम उठाते हैं।