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Breaking News: बांकीपुर उपचुनाव: प्रशांत किशोर की चुनावी पारी का आगाज, मतगणना में बढ़त से हलचल
🕒 6 hours ago

बिहार की राजधानी पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव की मतगणना सोमवार को कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हो गई। सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि चुनावी रणनीतिकार से राजनेता बने प्रशांत किशोर अपनी नवगठित पार्टी 'जन सुराज' के बैनर तले अपनी पहली चुनावी परीक्षा में कैसा प्रदर्शन करते हैं। शुरुआती रुझानों में प्रशांत किशोर ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वियों पर एक हजार से अधिक मतों की बढ़त बना ली है, जिससे उनके समर्थकों में उत्साह की लहर दौड़ गई है। यह उपचुनाव न केवल प्रशांत किशोर के राजनीतिक भविष्य का फैसला करेगा, बल्कि बिहार की बदलती राजनीतिक तस्वीर का भी संकेत देगा। मतगणना के प्रारंभिक चरण में डाक मतपत्रों और ईवीएम के वोटों की गिनती के बाद प्रशांत किशोर ने निर्दलीय और प्रमुख दलों के उम्मीदवारों को पीछे छोड़ते हुए स्पष्ट बढ़त हासिल कर ली है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, पहले कुछ राउंड की गिनती के बाद जन सुराज प्रमुख ने एक हजार से अधिक वोटों की लीड बनाई हुई है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गुजरात और मध्य प्रदेश की अन्य सीटों पर हो रहे उपचुनावों में बढ़त बनाए रखी है, लेकिन बांकीपुर में मुकाबला बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच चुका है। स्थानीय प्रशासन ने मतगणना केंद्र पर त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की है और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है। प्रशांत किशोर ने जन सुराज पार्टी का गठन बिहार की राजनीति में एक नए विकल्प के रूप में किया है, जिसका नारा 'बिहार को बेहतर बनाना' है। उन्होंने अपनी उम्मीदवारी के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और पलायन जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था। बांकीपुर सीट पर उनका मुकाबला भाजपा, राजद और कांग्रेस के उम्मीदवारों के अलावा कई निर्दलीय प्रत्याशियों से है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि प्रशांत किशोर इस सीट पर जीत दर्ज करते हैं या मजबूत उपस्थिति दर्ज कराते हैं, तो यह 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले बिहार की राजनीति में एक नए शक्ति केंद्र के उदय का संकेत होगा। बांकीपुर उपचुनाव का परिणाम बिहार की राजनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा। प्रशांत किशोर की प्रारंभिक बढ़त ने उनके 'जन सुराज' अभियान को नई गति दी है, लेकिन अंतिम नतीजे आने तक कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। यह चुनाव न केवल एक व्यक्ति की किस्मत का फैसला करेगा, बल्कि यह भी तय करेगा कि क्या बिहार का मतदाता पारंपरिक दलों से इतर एक नए राजनीतिक विकल्प को स्वीकार करने के लिए तैयार है। आने वाले घंटों में तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी, तब तक राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म रहेगा।

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✍️ By Pradeep Yadav | 03 Aug 2026