बिहार की राजधानी पटना की प्रतिष्ठित बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव की मतगणना शनिवार सुबह आठ बजे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हो गई। इस उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गलियारों में खासा उत्साह है क्योंकि चुनावी रणनीतिकार से राजनेता बने प्रशांत किशोर की पार्टी 'जन सुराज' के उम्मीदवार की किस्मत का फैसला आज होना है। बांकीपुर के अलावा मध्य प्रदेश की दतिया और गुजरात की मंजलपुर सीट पर भी उपचुनाव की मतगणना साथ-साथ चल रही है, लेकिन बिहार की इस सीट पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। चुनाव आयोग ने मतगणना केंद्रों पर त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की है ताकि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। प्रशांत किशोर जो अब तक पर्दे के पीछे रहकर विभिन्न दलों के लिए चुनावी रणनीति बनाते रहे हैं, इस बार खुद मैदान में उतरे हैं। उनकी पार्टी जन सुराज ने बांकीपुर से मजबूत उम्मीदवार उतारा है और प्रचार के दौरान किशोर ने बिहार की बदहाली, बेरोजगारी और पलायन के मुद्दों को जोर-शोर से उठाया था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह उपचुनाव प्रशांत किशोर की राजनीतिक विश्वसनीयता और उनकी नई पार्टी की जमीनी पकड़ की पहली बड़ी परीक्षा है। भाजपा और जदयू गठबंधन के लिए भी यह सीट प्रतिष्ठा का विषय बनी हुई है क्योंकि बांकीपुर परंपरागत रूप से भाजपा का गढ़ माना जाता रहा है। मतदान के दौरान छात्र आंदोलनों और युवाओं की नाराजगी की खबरें भी सामने आई थीं, जिसका असर नतीजों पर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। विपक्षी दलों ने सत्ताधारी गठबंधन पर युवाओं की अनदेखी और रोजगार के मोर्चे पर विफलता का आरोप लगाया था। वहीं सत्तापक्ष का दावा है कि विकास कार्यों और केंद्र-राज्य की योजनाओं का लाभ जनता को मिल रहा है। तीनों राज्यों के उपचुनाव परिणाम 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक दलों की ताकत का संकेत देंगे। मतगणना केंद्रों पर उम्मीदवारों के एजेंटों के अलावा मीडियाकर्मियों की भारी भीड़ मौजूद है। शुरुआती रुझानों में कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। बांकीपुर में भाजपा, जन सुराज और महागठबंधन के उम्मीदवारों के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है। प्रशांत किशोर ने मतगणना शुरू होने से पहले कहा कि उन्हें जनता के फैसले पर पूरा भरोसा है और यह बिहार में बदलाव की शुरुआत है। वहीं भाजपा नेताओं ने भी अपनी जीत का दावा किया है। दोपहर तक तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी। इस उपचुनाव का परिणाम न केवल बिहार बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी प्रशांत किशोर के भविष्य की दिशा तय करेगा। मतगणना की प्रक्रिया देर शाम तक चलने की संभावना है और अंतिम नतीजे रात तक घोषित हो सकते हैं। चुनाव आयोग ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए हर राउंड की गिनती की जानकारी सार्वजनिक करने का निर्देश दिया है। राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता मतगणना केंद्रों के बाहर डटे हुए हैं और हर अपडेट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। यह उपचुनाव बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत कर सकता है, जहां पारंपरिक दलों के सामने नई राजनीतिक शक्ति अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का प्रयास कर रही है।