हैदराबाद में प्रसिद्ध बोनालू उत्सव का शुभारंभ हो चुका है और इस अवसर पर तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने उज्जैनी महाकाली मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। पारंपरिक श्रद्धा और उत्साह के साथ शुरू हुए इस वार्षिक उत्सव में हजारों श्रद्धालु माता महाकाली को बोनम अर्पित करने पहुंचे। मुख्यमंत्री ने मंदिर में विशेष पूजा कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की और उत्सव के सुचारू संचालन हेतु प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। उत्सव के पहले ही दिन कई अव्यवस्थाएं भी सामने आईं जिससे श्रद्धालुओं में रोष व्याप्त है। घंटों लंबी कतारों और वीआईपी मूवमेंट के कारण आम भक्तों को दर्शन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई श्रद्धालुओं ने शिकायत की कि वीआईपी संस्कृति के चलते उनके घंटों के इंतजार के बावजूद उन्हें उचित दर्शन नहीं मिल सके। वहीं केंद्रीय मंत्री बंडी संजय ने तेलंगाना सरकार पर बोनालू उत्सव के लिए कम धनराशि आवंटित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह जनआस्था के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने मांग की कि सरकार उत्सव के भव्य आयोजन हेतु पर्याप्त बजट का प्रावधान करे ताकि परंपरा का निर्वहन गरिमापूर्ण ढंग से हो सके। उत्सव के दौरान उज्जैनी महाकाली मंदिर में उस समय हल्का तनाव उत्पन्न हो गया जब जोगिनी श्यामला देवी का बोनम अचानक गिर गया। इस घटना से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई हालांकि पुलिस और मंदिर प्रशासन ने तत्काल स्थिति को नियंत्रित कर लिया। किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है और श्रद्धालुओं को समझा-बुझाकर शांत कराया गया। इस घटना ने मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी और भीड़ प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए। सुरक्षा के लिहाज से हैदराबाद पुलिस ने इस वर्ष अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। बोनालू उत्सव में पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित निगरानी प्रणाली तैनात की गई जिसके माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। इस तकनीक की मदद से पुलिस ने पहले ही दिन 13 संदिग्धों को हिरासत में लिया जिन पर चोरी, जेबकतरी और अन्य अपराधों में लिप्त होने का शक है। पुलिस आयुक्त ने बताया कि AI कैमरों से भीड़ के पैटर्न का विश्लेषण कर संभावित खतरों का पूर्वानुमान लगाया जा रहा है जिससे अपराधियों पर नकेल कसने में मदद मिल रही है। बोनालू तेलंगाना की सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न अंग है और लाखों लोगों की आस्था का केंद्र है। सरकार और प्रशासन को चाहिए कि उत्सव की पवित्रता बनाए रखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सम्मान का पूरा ध्यान रखें। वीआईपी संस्कृति पर अंकुश, पर्याप्त बजट आवंटन, सुव्यवस्थित भीड़ प्रबंधन और आधुनिक तकनीक का सदुपयोग ही इस पर्व को सही मायनों में सफल बना सकता है। आशा है आने वाले दिनों में प्रशासन इन कमियों को दूर कर उत्सव को निर्विघ्न संपन्न कराएगा।