नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बिहार के मधेपुरा से सांसद पप्पू यादव पर उस समय हमला हुआ जब वे राम मंदिर दान चोरी पर आधारित एक नाटक का बचाव कर रहे थे। अचानक एक व्यक्ति ने मंच की ओर जूता फेंका, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। घटना के तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और समर्थकों ने हमलावर को पकड़ लिया। पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि हमलावर के पास चाकू भी था और यह उनकी हत्या की सोची-समझी साजिश थी। उन्होंने कहा कि पिछले कई दिनों से उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। पप्पू यादव ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि हमलावर ने पहले जूता फेंका और फिर चाकू निकालकर उनकी ओर दौड़ा। वहां मौजूद लोगों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे दबोच लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। सांसद ने दावा किया कि यह हमला उनके द्वारा राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे में कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाने और एक व्यंग्यात्मक नाटक का समर्थन करने के कारण हुआ है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से अपनी सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। पुलिस ने हमलावर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में हमलावर की पहचान और उसके मकसद का पता लगाया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल से एक चाकू भी बरामद किया गया है। पप्पू यादव की शिकायत पर हत्या के प्रयास और जानबूझकर चोट पहुंचाने की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। विपक्षी दलों ने इस घटना की निंदा करते हुए सांसदों की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक जीवन में नेताओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पप्पू यादव पहले भी विवादित बयानों और सामाजिक मुद्दों पर मुखर राय रखने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कहा कि वे धमकियों से डरने वाले नहीं हैं और जनता के मुद्दों को उठाते रहेंगे। राजनीतिक गलियारों में इस घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और हमलावर के पृष्ठभूमि तथा किसी संगठन से उसके संबंधों की पड़ताल की जा रही है। पप्पू यादव ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस घटना ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हिंसा के बढ़ते चलन पर चिंता बढ़ा दी है।