इस अभियान को समाज के सभी वर्गों का समर्थन मिल रहा है। सामाजिक संगठन, धार्मिक संस्थान और गैर-सरकारी संगठन भी इसमें सक्रिय भागीदारी निभाएंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह लड़ाई केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की है। उन्होंने माता-पिता से भी अपील की कि वे अपने बच्चों के व्यवहार में आए बदलावों पर नजर रखें और उनसे खुलकर संवाद करें। विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता और सामाजिक भागीदारी के साथ-साथ सख्त कानूनी कार्रवाई ही इस समस्या का स्थायी समाधान है। 'नशा मुक्त युवा अभियान' नए भारत की उस परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जहां युवा शक्ति राष्ट्र निर्माण में अपनी पूरी ऊर्जा लगा सके।