📰 Kotputli News
Breaking News: सीजेपी प्रदर्शनकारियों का संसद मार्च: पथराव, सुरक्षा चूक और 20 एफआईआर दर्ज
🕒 1 hour ago

नागरिक न्याय और शांति (सीजेपी) के प्रदर्शनकारियों द्वारा संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन की ओर कूच करते हुए न केवल बैरिकेड तोड़े, बल्कि सुरक्षाकर्मियों पर जमकर पथराव भी किया। यह सिलसिला संसद मार्च समाप्त होने के बाद भी जारी रहा, जिससे इलाके में तनाव की स्थिति बनी रही। दिल्ली पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम को बेहद गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज से खुलासा हुआ है कि प्रदर्शनकारियों का एक बड़ा समूह उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में संसद भवन के निकट तक पहुंचने में कामयाब रहा। इस सुरक्षा चूक ने खुफिया एजेंसियों और सुरक्षा बलों की तैयारियों पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। सुरक्षा बल अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि 'विघटनकारी तत्व' किस तरह सुरक्षा घेरे को भेदकर इतने संवेदनशील स्थान तक पहुंच गए। द प्रिंट की रिपोर्ट के अनुसार, सुरक्षा बलों ने अपनी कार्रवाई में रही कमियों की समीक्षा शुरू कर दी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। हिंसा की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दिल्ली पुलिस ने अब तक कुल 20 प्राथमिकी दर्ज की हैं। इनमें से तीन मामले हत्या के प्रयास (धारा 307) के हैं, जबकि 12 मामले दंगा फैलाने (धारा 147, 148) से संबंधित हैं। न्यूज 18 की खबर के मुताबिक, पुलिस ने सरकारी काम में बाधा डालने, लोक सेवक पर हमला करने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धाराएं भी लगाई हैं। जंतर-मंतर पर हुए संघर्ष में घायल पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों की सही संख्या को लेकर अभी भी स्थिति स्पष्ट नहीं है, जिस पर काउंटरकरेंट्स ने सवाल उठाए हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि प्रदर्शनकारियों की ओर से पथराव संसद मार्च के आधिकारिक रूप से समाप्त होने के बाद भी होता रहा, जिससे स्थिति को नियंत्रित करने में अतिरिक्त बल प्रयोग करना पड़ा। घायल सुरक्षाकर्मियों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वरिष्ठ अधिकारियों का दावा है कि उपद्रवियों की पहचान के लिए वीडियो फुटेज और ड्रोन कैमरों की मदद ली जा रही है। कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है। इस घटना ने एक बार फिर राजधानी में विरोध प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा प्रबंधन की चुनौतियों को उजागर किया है। जहां एक ओर नागरिक समाज संगठन शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार की वकालत कर रहे हैं, वहीं सुरक्षा एजेंसियां संसद जैसे अति संवेदनशील क्षेत्र की अभेद्य सुरक्षा को सर्वोपरि बता रही हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है, साथ ही सुरक्षा प्रोटोकॉल में व्यापक बदलाव के आसार नजर आ रहे हैं।

Stay connected with Kotputli News for latest updates.


📲 Share on WhatsApp
✍️ By Pradeep Yadav | 02 Aug 2026