📰 Kotputli News
Breaking News: इटली ने शरणार्थी संकट पर स्पेन को शेंजेन क्षेत्र से निलंबित करने की मांग की, 60 हजार प्रवासियों ने सेउटा में पार की सीमा
🕒 53 minutes ago

यूरोप में शरणार्थी संकट एक बार फिर गहरा गया है जब इटली ने स्पेन को शेंजेन क्षेत्र से निलंबित करने की सिफारिश की है। इटली के गृह मंत्री ने कहा कि स्पेन अपने सीमा नियंत्रण को प्रभावी ढंग से लागू नहीं कर पा रहा है, जिसके कारण बड़ी संख्या में प्रवासी यूरोप में प्रवेश कर रहे हैं। यह मांग तब आई है जब स्पेन के उत्तरी अफ्रीकी क्षेत्र सेउटा में मोरक्को से लगभग 60 हजार प्रवासियों ने सीमा पार की, जिनमें कई नाबालिग भी शामिल थे। इस घटना ने यूरोपीय संघ की शरणार्थी नीति और सीमा सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने इस संकट के लिए मानव तस्करों को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि तस्कर गिरोह कमजोर लोगों का शोषण कर रहे हैं और उन्हें खतरनाक रास्तों से सीमा पार करा रहे हैं। सेउटा में सीमा पार करने के दौरान कम से कम 34 लोगों की मौत हो गई, जबकि सैकड़ों घायल हुए हैं। स्पेनिश अधिकारियों के अनुसार, अधिकांश प्रवासी अब मोरक्को वापस लौट चुके हैं, लेकिन यह घटना यूरोप की सीमा सुरक्षा की कमजोरियों को उजागर करती है। मोरक्को और स्पेन के बीच राजनयिक तनाव भी इस संकट का एक प्रमुख कारण है। पश्चिमी सहारा मुद्दे पर स्पेन के रुख से नाराज मोरक्को ने सीमा नियंत्रण में ढील दी, जिससे हजारों प्रवासी सेउटा पहुंच सके। यूरोपीय आयोग ने स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए सभी सदस्य देशों से सहयोग की अपील की है। जर्मनी और फ्रांस जैसे देशों ने शेंजेन समझौते की रक्षा पर जोर दिया है, जबकि इटली और ग्रीस जैसे सीमावर्ती देश अधिक सख्त नीतियों की मांग कर रहे हैं। इस संकट ने यूरोपीय संघ की शरणार्थी नीति की विफलता को सामने ला दिया है। डबलिन नियमन के तहत जिस देश में प्रवासी पहले प्रवेश करता है, वही उसकी जिम्मेदारी होती है, लेकिन सीमावर्ती देश इस बोझ को अकेले नहीं उठा पा रहे हैं। यूरोपीय संसद में नए शरणार्थी समझौते पर चर्चा चल रही है, लेकिन सदस्य देशों में सहमति नहीं बन पा रही है। मानवाधिकार संगठनों ने प्रवासियों के साथ मानवीय व्यवहार की मांग की है, जबकि दक्षिणपंथी दल सख्त सीमा नियंत्रण की वकालत कर रहे हैं। निष्कर्ष के तौर पर, सेउटा संकट यूरोप के लिए एक चेतावनी है कि शरणार्थी समस्या का स्थायी समाधान निकाले बिना सीमा सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती। इटली की निलंबन मांग भले ही प्रतीकात्मक हो, लेकिन यह यूरोपीय एकता में दरार को दर्शाती है। आवश्यकता है एक व्यापक यूरोपीय शरणार्थी नीति की जो मानवीय मूल्यों और सुरक्षा चिंताओं में संतुलन स्थापित करे। साथ ही, अफ्रीकी देशों के साथ विकास साझेदारी को मजबूत कर प्रवासन के मूल कारणों को संबोधित किया जाना चाहिए।

Stay connected with Kotputli News for latest updates.


📲 Share on WhatsApp
✍️ By Pradeep Yadav | 01 Aug 2026