📰 Kotputli News
Breaking News: हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने मेटा इंडिया प्रमुख और सोशल मीडिया यूजर्स पर दर्ज किया मामला, पीएम मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट का आरोप
🕒 1 hour ago

हैदराबाद की साइबर क्राइम पुलिस ने मेटा इंडिया के प्रमुख सहित कई सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। यह कार्रवाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाकर किए गए आपत्तिजनक पोस्ट के संबंध में की गई है। पुलिस के अनुसार, ये पोस्ट चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों के दौरान साझा किए गए थे, जिनमें प्रधानमंत्री के विरुद्ध अपमानजनक टिप्पणियां और भ्रामक सामग्री शामिल थी। इस मामले ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जवाबदेही और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमाओं पर नई बहस छेड़ दी है। दर्ज प्राथमिकी में मेटा इंडिया के प्रमुख का नाम इस आधार पर शामिल किया गया है कि उनके प्लेटफॉर्म पर ऐसी सामग्री को समय रहते नहीं हटाया गया, जो कानून का उल्लंघन करती है। पुलिस ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अलावा, उन व्यक्तिगत उपयोगकर्ताओं की भी पहचान की जा रही है, जिन्होंने ये पोस्ट बनाए या साझा किए। जांच दल डिजिटल फुटप्रिंट और सर्वर लॉग का विश्लेषण कर रहा है ताकि दोषियों तक पहुंचा जा सके। इस बीच, केंद्र सरकार ने एक बार फिर मेटा के वरिष्ठ अधिकारियों को तलब किया है। मामला प्रधानमंत्री के आधिकारिक फेसबुक पोस्ट पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने से जुड़ा है, जिसे सरकार ने अनुचित और पक्षपातपूर्ण करार दिया है। सरकार का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को भारतीय कानूनों का पालन करना होगा और संवैधानिक पदाधिकारियों के प्रति सम्मान सुनिश्चित करना होगा। मेटा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार कंपनी कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला सोशल मीडिया मध्यस्थों की जिम्मेदारी तय करने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है। एक ओर जहां सरकार डिजिटल 공간 में जवाबदेही सुनिश्चित करना चाहती है, वहीं नागरिक अधिकार संगठन इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने का प्रयास बता रहे हैं। सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व निर्णयों का हवाला देते हुए वकीलों का कहना है कि प्लेटफॉर्म को केवल तभी उत्तरदायी ठहराया जा सकता है जब उन्हें विशिष्ट सामग्री की जानकारी हो और वे उसे हटाने में विफल रहें। फिलहाल हैदराबाद पुलिस की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। इस मामले का परिणाम भारत में सोशल मीडिया विनियमन की भविष्य की दिशा तय करेगा। सरकार, प्लेटफॉर्म और नागरिक समाज के बीच संतुलन स्थापित करना एक जटिल चुनौती बनी हुई है, जिसका समाधान संवैधानिक ढांचे के भीतर ही खोजा जाना आवश्यक है।

Stay connected with Kotputli News for latest updates.


📲 Share on WhatsApp
✍️ By Pradeep Yadav | 31 Jul 2026