दिल्ली पुलिस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरुद्ध सोशल मीडिया मंच एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर डाले गए आपत्तिजनक और अपमानजनक पोस्ट के सिलसिले में प्राथमिकी दर्ज की है। यह कार्रवाई कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री और अन्य संवैधानिक पदाधिकारियों को निशाना बनाकर फैलाई गई भ्रामक सामग्री के बाद की गई है। पुलिस ने मंच से संबंधित खातों और पोस्ट का पूरा ब्योरा मांगा है ताकि दोषियों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जा सके। पुलिस ने एक्स को पत्र लिखकर संवैधानिक प्रमुखों को लक्षित करने वाली अपमानजनक सामग्री को तत्काल हटाने का निर्देश दिया है। साथ ही, उन खातों को नोटिस जारी किया गया है जिन्होंने सीजेपी के विरोध मार्च के दौरान अफवाहें फैलाईं। जांच में सामने आया है कि लगभग 429 हैंडल या पोस्ट बनाए गए थे जिनके जरिए प्रदर्शन के दौरान हिंसा और अराजकता के बारे में झूठी जानकारी प्रसारित की गई। पुलिस का मानना है कि यह सुनियोजित तरीके से दुष्प्रचार फैलाने का प्रयास था। सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया पर हिंसा और तोड़फोड़ के फर्जी वीडियो और तस्वीरें वायरल हुई थीं। दिल्ली पुलिस ने इन भ्रामक पोस्ट को गंभीरता से लेते हुए सभी प्रमुख सोशल मीडिया मंचों को ऐसी सामग्री हटाने का आदेश दिया है। पुलिस उपायुक्त ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच दल तकनीकी साक्ष्य जुटा रहा है और संबंधित खाता धारकों से पूछताछ की तैयारी कर रहा है। इस कदम को कानून व्यवस्था बनाए रखने और संवैधानिक गरिमा की रक्षा के लिए जरूरी बताया जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी भी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ अपमानजनक, भड़काऊ या झूठी सामग्री पोस्ट करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सोशल मीडिया मंचों से भी अपेक्षा की जाती है कि वे अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए ऐसे कंटेंट पर त्वरित कार्रवाई करें। फिलहाल जांच जारी है और पुलिस दोषियों तक पहुंचने के लिए डिजिटल फुटप्रिंट का विश्लेषण कर रही है। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे असत्यापित सूचनाओं को साझा न करें और अफवाह फैलाने वाले खातों की सूचना दें। यह मामला डिजिटल युग में सोशल मीडिया के दुरुपयोग रोकने और जवाबदेही तय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।