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Breaking News: ईरान ने किया हमले रोकने का ऐलान, अमेरिका की रोक बरकरार रहने तक जारी रहेगा संघर्ष विराम
🕒 1 hour ago

ईरान ने एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम उठाते हुए घोषणा की है कि वह अमेरिका के खिलाफ अपने सैन्य हमलों को तब तक रोक कर रखेगा जब तक वाशिंगटन भी अपनी आक्रामक कार्रवाई पर विराम लगाए रखता है। यह बयान ईरानी सूत्रों के हवाले से सामने आया है, जिसके अनुसार तेहरान ने यह सशर्त संघर्ष विराम उस समय घोषित किया जब पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ नियोजित सैन्य हमलों को अचानक रद्द करने का फैसला लिया। इस घटनाक्रम ने मध्य पूर्व में तनावपूर्ण स्थिति में एक नाजुक शांति की उम्मीद जगाई है, हालांकि दोनों पक्षों की ओर से सतर्कता बरती जा रही है। अमेरिकी प्रशासन के उच्च अधिकारियों और सलाहकारों की आपात बैठकों के बाद ट्रम्प ने हमले टालने का निर्णय लिया, जिसमें प्रमुख रूप से संभावित युद्ध के विस्तार, अंतरराष्ट्रीय तेल बाजारों पर पड़ने वाले प्रभाव और क्षेत्रीय सहयोगियों की सुरक्षा चिंताओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय सुरक्षा दल के कई सदस्यों ने बड़े पैमाने पर युद्ध छिड़ने के जोखिम को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की थी, जिसके चलते अंतिम क्षणों में सैन्य कार्रवाई स्थगित कर दी गई। इस बीच, ओमान की मध्यस्थता में होर्मुज जलडमरूमार्ग से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर वार्ता जारी है, जिसे फाइनेंशियल टाइम्स ने दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत बताया है। ब्रिटिश अखबार द गार्जियन के अनुसार, अमेरिका ने लगातार दूसरे दिन ईरान पर हमले रोक रखे हैं, जिससे कूटनीतिक समाधान की गुंजाइश बनी हुई है। हालांकि, एसोसिएटेड प्रेस ने पहले की झड़पों का जिक्र करते हुए बताया कि नौवहन मार्गों को लेकर पहले भी दोनों पक्षों में सैन्य टकराव हो चुका है, जिससे स्थिति की नाजुकता स्पष्ट होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अस्थायी विराम दोनों देशों के लिए अपने-अपने रणनीतिक हितों का पुनर्मूल्यांकन करने का अवसर प्रदान करता है। ईरान की ओर से सशर्त संघर्ष विराम की घोषणा उसकी उस रणनीति को दर्शाती है जिसमें वह अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने खुद को संयमित और बातचीत का पक्षधर दिखाना चाहता है, जबकि अमेरिका अपने सहयोगियों को आश्वस्त करते हुए क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने का प्रयास कर रहा है। आने वाले दिन इस नाजुक संघर्ष विराम की परीक्षा लेंगे, क्योंकि किसी भी पक्ष की ओर से उकसावे की कार्रवाई या गलतफहमी स्थिति को फिर से बिगाड़ सकती है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय, विशेष रूप से खाड़ी देश और यूरोपीय शक्तियां, स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं और ओमान जैसे मध्यस्थों की भूमिका आने वाले समय में निर्णायक साबित हो सकती है। फिलहाल, सशर्त शांति कायम है, लेकिन इसकी स्थिरता दोनों पक्षों के संयम और कूटनीतिक कौशल पर निर्भर करेगी।

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✍️ By Pradeep Yadav | 26 Jul 2026