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Breaking News: सरकार से वार्ता के लिए पहुंचे 'कॉकरोच' आंदोलन के नेता, देशभर में प्रदर्शन जारी
🕒 1 hour ago

नई दिल्ली: विवादास्पद 'कॉकरोच' आंदोलन के प्रमुख नेताओं ने मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बंद कमरे में महत्वपूर्ण वार्ता की, जबकि देश के विभिन्न हिस्सों में उनके समर्थकों का विरोध प्रदर्शन लगातार तीसरे सप्ताह भी जारी रहा। इस बैठक को आंदोलनकारियों और सरकार के बीच गतिरोध तोड़ने की दिशा में पहला ठोस कदम माना जा रहा है, हालांकि दोनों पक्षों ने वार्ता के ब्यौरे को फिलहाल गोपनीय रखा है। सूत्रों के अनुसार, बातचीत का मुख्य एजेंडा प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों पर चर्चा और कानून-व्यवस्था की स्थिति को सामान्य बनाना था। 'कॉकरोच' आंदोलन, जिसका नाम इसकी विकेंद्रीकृत और लचीली संगठनात्मक संरचना के कारण पड़ा है, पिछले महीने एक स्थानीय मुद्दे से शुरू होकर राष्ट्रीय स्तर पर फैल चुका है। आंदोलनकारी मुख्य रूप से शहरी क्षेत्रों में अनियोजित विकास, झुग्गी-झोपड़ी वासियों के पुनर्वास नीति में खामियों और नगर निगमों में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। इस आंदोलन की खासियत इसका नेतृत्वविहीन स्वरूप और सोशल मीडिया के माध्यम से त्वरित लामबंदी रही है, जिसके कारण सुरक्षा एजेंसियों को इसकी गतिविधियों का पूर्वानुमान लगाने में कठिनाई हो रही थी। वार्ता में भाग लेने वाले प्रतिनिधिमंडल में आंदोलन के तीन प्रमुख समन्वयक शामिल थे, जिन्होंने सरकार के समक्ष 12 सूत्रीय मांग पत्र प्रस्तुत किया। इसमें आवास अधिकार कानून में संशोधन, नगर निकायों के चुनाव में पारदर्शिता, और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मुकदमों की वापसी जैसी मांगें प्रमुख हैं। सरकारी पक्ष ने उनकी बातों को ध्यानपूर्वक सुना और एक उच्चस्तरीय समिति गठित कर 15 दिनों के भीतर ठोस प्रस्ताव देने का आश्वासन दिया। हालांकि, आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक सड़कों पर धरना जारी रहेगा। वार्ता के समानांतर, दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे महानगरों में हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर डटे हुए हैं। पुलिस ने एहतियातन कई इलाकों में धारा 144 लागू कर रखी है, लेकिन प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण ढंग से नारेबाजी और सभाएं कर रहे हैं। नागरिक समाज के कई संगठनों, छात्र संघों और विपक्षी दलों ने आंदोलन को नैतिक समर्थन देते हुए सरकार से संवेदनशीलता दिखाने की अपील की है। सोशल मीडिया पर #CockroachProtest हैशटैग लगातार ट्रेंड कर रहा है, जिससे आंदोलन को वैश्विक ध्यान भी मिल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह वार्ता भले ही तात्कालिक सफलता न दिला पाए, लेकिन इसने संवाद का एक रास्ता खोल दिया है। सरकार के लिए चुनौती आंदोलनकारियों की जायज मांगों को पूरा करने और साथ ही शहरी शासन की प्रणालीगत खामियों को दूर करने की है। आगामी दिनों में गठित समिति की रिपोर्ट और आंदोलनकारियों की प्रतिक्रिया ही तय करेगी कि यह आंदोलन एक सार्थक नीतिगत परिवर्तन की ओर बढ़ता है या लंबे टकराव की स्थिति पैदा करता है। फिलहाल, सड़कों पर तंबू लगे हैं और वार्ता की मेज पर उम्मीदें टिकी हैं।

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✍️ By Pradeep Yadav | 25 Jul 2026