वॉशिंगटन में हाल ही में प्राप्त हुई एक तीव्र इंटेलिजेंस रिपोर्ट ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के प्रशासन को इज़राइल के मोज़ेक एजेन्सी द्वारा ईरान की असहज योजना के बारे में चेतावनी दी है। यह रिपोर्ट कहा जा रहा है कि ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा दौर में फिर से इज़राइल पर सैन्य हमले को प्रोत्साहित करने के बाद बदले की भावना से "ट्रम्प को नियोजित करने" की योजना बनायी है। इज़राइल ने इस खतरनाक सूचना को अमेरिकी गुप्तचर एजेंसियों के साथ साझा किया, जिससे परकास में इस मुद्दे की तात्कालिकता स्पष्ट हो गई। कई विश्वसनीय स्रोतों ने बताया कि इस योजना में ट्रम्प को शारीरिक रूप से मारने के लिए तेज़-तर्रार उपकरण, अस्थायी गैरीबॉन्ड और अफीशिअन्स का उपयोग करने की तैयारी की जा रही थी। इज़राइल के इंटेलिजेंस एजेंटों ने अमेरिकी अधिकारियों को यह भी बताया कि ईरान के इस धंधे में कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों का सहयोग है, जिनमें कुछ मायनर दुरुपयोगी समूह और गठबंधन राष्ट्रों के गुप्त एजेंट शामिल हैं। इस योजना के तहत ईरानी एजेंटों को ट्रम्प के व्यक्तिगत सुरक्षा बाड़ में घुसपैठ करने की अनुमति देने के लिये एक विस्तृत नेटवर्क तैयार किया गया था। इज़राइल ने इस जानकारी को अमेरिकी सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (सीआईए) तथा राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनएसए) को भेजा, और साथ ही इस खतरे के निराकरण हेतु विशेष सुरक्षा कदम उठाने का प्रस्ताव रखा। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस तरह की योजना का मुख्य उद्देश्य अमेरिकी विदेश नीति को अस्थिर करना और मध्य पूर्व में इज़राइल की स्थिति को कमजोर करना था। यह घटना अमेरिकी विदेश नीति के विशेषज्ञों में गहरी चिंता का कारण बनी है। कई विश्लेषकों का मानना है कि यदि इस प्रकार की हत्या की साजिश सफल होती, तो यह न केवल अमेरिका-इज़राइल संबंधों को बल्कि वैश्विक सुरक्षा व्यवस्था को भी बड़े पैमाने पर उत्खनित करता। अब अमेरिकी प्रशासन को इस जानकारी के आधार पर सुरक्षा प्रोटोकॉल को सख्त करने, राष्ट्रपति की व्यक्तिगत सुरक्षा को बढ़ाने और ईरान के खिलाफ कूटनीतिक व सैन्य कदमों को पुनः समीक्षा करने की आवश्यकता होगी। इज़राइल ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इस साजिश को रोकने के लिए सभी आवश्यक उपाय करेगा और यदि आवश्यक हो तो अंतरराष्ट्रीय सहयोग के साथ ईरान पर दबाव बनाता रहेगा। समग्र रूप से, इस नई हत्या योजना के प्रकाश में यह स्पष्ट हो गया है कि मध्य पूर्व की जटिल राजनीति में बड़े महाशक्तियों के बीच संभावित संघर्ष कितनी आसानी से आतंकवादी और गुप्त एजेंटों के हाथों में बदल सकता है। इस पर आगे की जांच और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसे खतरों को रोक दिया जा सके और वैश्विक शांति को कायम रखा जा सके।