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Breaking News: कोलकाता में बड़ा राजनीतिक हादसे: पूर्व तृणमूल राजकुमारियां सुश्मिता देव, सुखेन्दु शेखर राय और प्रकाश चीक बड़ाइक ने जोड़ी भाजपा की नई ताकत
🕒 2 hours ago

कोलकाता में राजनीति की धूम मची है। राजनीति के रंगमंच में तेज़ी से बदलते परिदृश्य को देखते हुए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के तीन पूर्व राज्य सभा सदस्य—सुश्मिता देव, सुखेन्दु शेखर राय और प्रकाश चीक बड़ाइक—ने भाजपा में प्रवेश कर लिया। यह कदम न केवल कांग्रेस के पक्ष में एक बड़ा झटका है, बल्कि भारत सरकार की पार्टी के लिए भी काफ़ी महत्व रखता है। इन तीन नेताओं का टीएमसी से बाहर निकलना अचानक नहीं हुआ। सुश्मिता देव, जो पूर्व में पश्चिम बंगाल में महिलाओं की स्थिति सुधारने वाले कई सामाजिक कार्यक्रमों में लगी रही थीं, ने कई बार राज्य में राजनैतिक असंतोष जाहिर किया था। सुखेन्दु शेखर राय, जो पूर्व में जल एवं ऊर्जा विभाग के मंत्रियों में शामिल रहे, और प्रकाश चीक बड़ाइक, जो अपने क्षेत्रों में किसानों के अधिकारों के लिये लड़े, सभी ने लगातार पार्टी की नीति से असहमतियां दिखाई। इन असहमतियों ने अंततः उनके विद्रोह का मार्ग प्रशस्त किया, जिससे वे भाजपा को अपनी नई आशा मानते हुए शामिल हो गए। भाजपा ने इन तीनों को जल्दी ही अपने राज्यसभा बायपोल में उम्मीदवार के रूप में नज़र में रखा है। पार्टी के प्रमुख रणनीतिकारों का मानना है कि कोलकाता की चुनावी राजनीति में टीएमसी के भीतर से ही अपार शक्ति उधार ली जा सकती है। यह कदम भाजपा की 'बड़े बदलाव' की योजना के अंतर्गत आया है, जिसमें राज्य के प्रमुख नेता को अपनी ओर खींच कर राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश की जा रही है। अब भाजपा इन तीनों को राज्यसभा के बायपोल के लिए अपने आधिकारिक टिकट पर उतारने की तैयारी कर रही है, जिससे टिम्‍सली के साथ संगठित टिम्‍सली के एकत्रीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का कहा है कि यह बदलाव कोलकाता के वोटरों में गहरा असर डालेगा। सुश्मिता देव और सुखेन्दु शेखर राय दोनों के पास बड़ी जनसमुदायिक पहुंच है, जबकि प्रकाश चीक बड़ाइक ने किसानों के हित में कई बार उन्हें आवाज़ दी है। अगर इनका भाजपा के साथ मिलन सफल रहा, तो यह पार्टी को ही नहीं, बल्कि राज्य के चुनावी समीकरण को भी नया रूप देगा। उनका आगामी राज्यसभा बायपोल जूतों के नीचे टन-टन गूंजते गवर्नमेंट को चुनौती देगा और इस बात का संकेत देगा कि कोलकाता के राजनीतिक माहौल में किस दिशा में नई लहरें उठ रही हैं। समापन में कहा जा सकता है कि सुश्मिता देव, सुखेन्दु शेखर राय और प्रकाश चीक बड़ाइक का भाजपा में शामिल होना केवल एक व्यक्तिगत कदम नहीं, बल्कि यह कोलकाता और पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़े बदलाव की शुरुआत का प्रतीक है। यदि यह कदम सफल रहता है, तो यह भाजपा को राज्य में गहरी पैठ दिला सकता है और आगामी राज्यसभा बायपोल में विपक्षी दलों को कड़ी टक्कर देने में मदद करेगा। अब देखना यही है कि इस नई गठबंधन का असर वोटर दल में कैसे परिलक्षित होता है और क्या यह राजनीति का नया अध्याय बन पाता है।

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✍️ By Pradeep Yadav | 10 Jul 2026