मौसम विभाग ने अगले तीन घंटों के लिए मुंबई और रायगड में लाल चेतावनी जारी कर दी है, जिससे शहर के कई निचले इलाके पानी में डूब गए हैं। लगातार हुई बवंडर जैसी धारा वाली बारिश ने उत्तर मुंबई, बंधुप और वाकड़ में जलस्तर को अचानक बढ़ा दिया, जिससे कई सड़कों पर जलभराव देखे जा रहे हैं। फोटोग्राफ़ों में दिख रहा है कि कई उतरते हुए रेल पटरियों के पास पानी का स्तर इतना बढ़ गया है कि ट्रेनें चलाने से जोखिम पैदा हो गया है। इस कारण पटेल रेलवे स्टेशन, वर्सेना और स्वीकंद जैसी कई महत्वपूर्ण स्टेशनों पर ट्रेन सेवाओं को अस्थायी तौर पर रोकना पड़ा, जिससे प्रवासी यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय प्रशासन ने तत्काल राहत के लिए पुलिस, फायर ब्रिगेड और नगर निगम की टीमों को तैनात कर दिया है। वे फंसे हुए वाहन निकालने, जलभराव वाले इलाकों को साफ करने और पानी के बहाव को नियंत्रित करने के लिए थैंक्स-गीज़र और बंटे हुए ड्रम पंपों का उपयोग कर रहे हैं। बंधुप में एक बड़ी खाई में गाड़ी गिरी, जिससे कई लोग घायल हुए और ड्यूटी पर मौजूद एम्बुलेंस ने तुरंत इलाज किया। वहीं, इडब्लूएस को हवाई अड्डे के पास अनियमित बारिश के कारण पाँच मुंबई-उड़ान वाले विमानों को निकटवर्ती हवाई अड्डों पर लैंड करने को कहा गया, जिससे यात्रा में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव पड़ा। बारिश के कारण कई शैक्षणिक संस्थानों को भी अनिवार्य रूप से बंद करना पड़ा। बोरेली फ्रंट, वेस्टर्न सर्विलेंस, और कई सरकारी विद्यालयों ने आज का सत्र रद्द कर दिया, जिससे छात्रों को घर से पढ़ाई करने को मजबूर किया गया। माता-पिता को अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित किया गया, जबकि कई निजी स्कूलों ने ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से पढ़ाई जारी रखने का प्रयास किया। उपरोक्त कठिनाइयों के बावजूद, मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि यह लक्षणीय मौसम परिवर्तन का हिस्सा है और अगले कुछ दिनों में भी भारी वर्षा की संभावना है। इसलिए लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, सावधानी के साथ घर पर रहें, निकास मार्गों को साफ रखें और आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों को सहेज कर रखें। प्रशासन भी इस दिशा में सतर्कता बरत रहा है, जिससे भविष्य में ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए तैयार रह सके।