केतन अग्रवाल की हत्या से जुड़ी जांच में आज एक चौंकाने वाला विकास हुआ है। पुलिस ने बताया कि सिया गोयल और उनके प्रेमी चेतेन ने दोनो ही पॉलीग्राफ़ परीक्षण करने से इनकार कर दिया है। यह कदम जांच अधिकारियों के लिये नई चुनौतियों को जन्म देता है, क्योंकि पहले की कई सूचना और फोन डेटा के आधार पर पुलिस ने उन्हें मुख्य अभियुक्त माना था। सिया गोयल, जो केस के मुख्य आरोपी के रूप में सामने आई है, ने अपने सोशल मीडिया पर एक मौन इशारा किया था, जिससे वह वायरल हुई और उसे जज की अदालत में न्यायिक हिरासत में ले जाया गया। इस इशारे के बाद पुलिस ने पॉलीग्राफ़ के माध्यम से सचाई निकालने की कोशिश की, पर दोनों आरोपियों ने इसे अस्वीकार कर दिया। पुलिस ने बताया कि उन्होंने सिया गोयल और चेतेन की तीन मोबाइल फोनें जब्त कर ली थीं, जिनमें मौजूद टैक्स्ट मैसेज, कॉल लॉग और स्थान डेटा का विस्तृत विश्लेषण किया गया। इन फोनों से मिली जानकारी से यह स्पष्ट हो रहा है कि हत्या के समय दोनों के बीच कई बार संपर्क था। हालांकि, अभी तक सम्मिलित करने योग्य साक्ष्य की कमी है, इसलिए पुलिस ने पॉलीग्राफ़ टेस्ट का प्रस्ताव रखा था। इस परीक्षण को न मानने के कारण कोर्ट ने भी उन पर न्यायिक हिरासत की सख्ती को बरकरार रखा है। अदालत ने पुलिस की हिरासत की पेशकश को अस्वीकार कर दस दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया है। केतन अग्रवाल के परिवार ने इस मोड़ को लेकर गहरी निराशा जाहिर की है। उन्होंने कहा कि इस परीक्षण से सच्चाई उजागर होगी और दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में यह भी दर्शाया गया है कि सिया गोयल ने पहले अपने इंस्टाग्राम स्टोरी में एक कलात्मक संदेश साझा किया था, जिसके बाद वह सोशल नेटवर्क पर भारी चर्चा का विषय बनी। इस दौरान कई लोगों ने उनका समर्थन किया, जबकि कुछ ने उनका विरोध भी किया। अब यह देखना बाकी है कि यह पॉलीग्राफ़ निराकरण मुकदमों में क्या असर डालेगा और न्याय प्रक्रिया को कितना तेज़ी से आगे बढ़ेगी। वर्तमान स्थिति में, पुलिस के पास अभी भी कई अनसुलझे प्रश्न हैं। क्या सिया गोयल और चेतेन का इनकार उनके अपराध के प्रमाण को छुपाने का प्रयास है, या फिर वे किसी अन्य कारण से इस परीक्षण से बचना चाहते हैं? अधिकारियों ने कहा कि आगे भी डिजिटल डेटा और मोबाइल फोन की जानकारी पर गहनता से जांच जारी रहेगी। इस बीच, न्यायालय का निर्णय और आगे की सुनवाई मामलों को स्पष्ट दिशा देंगे। केस की जटिलताओं को देखते हुए, अब सभी की नजरें इस मामले के अगले चरण पर टिकी हैं, जिससे न्याय के पथ पर तेजी से आगे बढ़ने की उम्मीद की जा रही है।