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Breaking News: विदेशी तनाव के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने 140 करोड़ भारतीयों की एकजुटता को दिया सराहनीय सम्मान
🕒 1 hour ago

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में एक विशेष संबोधन में 140 करोड़ नागरिकों की अद्भुत संगठित शक्ति की प्रशंसा की, जिन्होंने विदेशी राजनयिक तनाव और ऊर्जा संकट के खिलाफ राष्ट्र को स्थिर रखने में अहम भूमिका निभाई। संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ी आई और विश्वभर में ऊर्जा की माँग में असंतुलन पैदा हुआ। इस अराजकता के बीच भी हमारे देश ने अपने लोगों की दृढ़ता और राष्ट्रीय भावना से इस चुनौती को पार कर लिया, ऐसा मोदी ने अपने संबोधन में कहा। उन्होंने कहा कि इस कठिन दौर में भारत की आत्मविश्वास भरी प्रतिबद्धता ने हमें न केवल ऊर्जा की कमी से बचाया, बल्कि वैश्विक मंच पर भी हमारे सम्मान को नई ऊंचाइयों पर ले गया। प्रधानमंत्री ने बताया कि पश्चिमी एशिया में उत्पन्न हुए युद्ध जैसी आपत्तियों के कारण कई देशों को ऊर्जा की भारी कमी का सामना करना पड़ा, परन्तु भारत ने अपने ऊर्जा स्रोतों को विविधतापूर्ण बनाते हुए, रूसी गैस, अमेरिकी शेल्फ लाइटर और घरेलू नवीनीकृत ऊर्जा पर तेज़ी से कार्य किया। इस दिशा में सरकार ने रणनीतिक तेल भंडारण को सुदृढ़ किया और वैकल्पिक ईंधन के उत्पादन को बढ़ाया। इस सबके बीच आम जनता ने ऊर्जा बचत के लिए अतिरिक्त प्रयास किए, जैसे कि घर में बिजली की बचत, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग और उद्योगों में ऊर्जा कुशल तकनीकों को अपनाना। इन उपायों के फलस्वरूप, भारत ने अपने ऊर्जा उपयोग में उल्लेखनीय कमी दर्ज की और निर्यात आय में भी वृद्धि की। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि इस संकट को मात देने में भारत के कूटनीतिक कदमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि विदेशियों के साथ मित्रता और समझौता करने की नीति ने हमें कच्चे तेल की आपूर्ति की नई रेखाएँ खोलने में मदद की। मोदी ने विश्व नेताओं के साथ कई स्तरों पर बातचीत का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने 'जालवा' कहा कि भारत की कूटनीति ने इस ऊर्जा संकट को दूर करने में मुख्य प्रेरक शक्ति बनकर उभरी। उन्होंने यह भरोसा दिलाया कि इतिहास इस कठिन समय में भारत की सक्रिय भूमिका को याद रखेगा। इन सबके अंत में मोदी ने राष्ट्र के सभी वर्गों को एकजुटता और साहस का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ भारतीयों की इस अदम्य आत्मा ने न केवल इस ऊर्जा संकट को मात दी, बल्कि भविष्य में किसी भी प्रकार की अस्थिरता का सामना करने की क्षमता भी प्रदर्शित की है। उन्होंने अंतिम शब्दों में कहा कि इस एकजुटता को बरकरार रखते हुए, भारत न केवल विकास के नए आयाम खोजेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर शांति और समृद्धि का संदेश भी जारी करेगा।

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✍️ By Pradeep Yadav | 04 Jul 2026