📰 Kotputli News
Breaking News: राधा मंदिर दान में चोरी पर उठे सवाल: आर.जे.डी नेता ने सुप्रीम कोर्ट में ऑडिट की मांगी
🕒 1 hour ago

अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण को सौंपी गई प्रतिष्ठा निधि की वित्तीय प्रबंधन के संबंध में धूमधाम वाली खबरें फिर से सामने आईं हैं। राजद सांसद तेजस्वी भौमिक ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर अयोध्या ट्रस्ट के खातों का व्यापक ऑडिट करने तथा सीबीआई को जांच का आदेश देने की मांग की है। यह कदम तब उठाया गया जब निधि में बड़ी रकम के अनियमित उपयोग के संदिग्ध आरोप सामने आए। जनता ने इस मुद्दे को बड़े पैमाने पर देखना शुरू कर दिया है, क्योंकि मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए दान का पूरा विवरण और उपयोग अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। आरोप यह है कि कई दानदाता द्वारा दी गई बड़ी रकम को ट्रस्ट की निगरानी में रखें बिना ही अनधिकृत रूप से निकाला गया। इस पर कई धर्मसंगठनों ने कड़ी निराशा व्यक्त की है और कड़ी सजाओं की मांग की है। इस जांच के तहत सीबीआई को भी शामिल करने की मांग की जा रही है, ताकि धन के संभावित गबन की सच्चाई उजागर हो सके। साथ ही, नयी सूचना के अनुसार, अयोध्या ट्रस्ट के वित्तीय रिकॉर्ड को पिछले पाँच वर्षों के लिए पुनः ऑडिट करने की संभावना भी सामने आई है, जिससे इस मामले की जटिलता स्पष्ट हो रही है। धर्मिक संगठनों की प्रतिक्रिया भी तीव्र है। राष्‍ट्रीय स्वयम्‍सिद्ध्‍धर्मीत्‍व (आरएसएस) ने कहा कि यह एक विरोधी राष्ट्रीय प्रयास है, जिससे हिन्दू धर्म की छवि को नीचे गिराने की कोशिश की जा रही है। अन्य हिंदू संघों ने इस चोरी को गहरा आघात माना और जमीनी स्तर पर गुनाहगारों के खिलाफ कड़ी सजा की मांग की। इस बीच, वैध्प बधाई अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि इस मामले में किसी को भी सुरक्षा नहीं दी जाएगी और सभी को न्याय के सामने खड़ा किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई अभी बाकी है, लेकिन इस मुद्दे ने राजनीतिक और सामाजिक दोनों ही स्तर पर तीव्र चर्चा को जन्म दिया है। जनता को पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता है, जिससे अयोध्या ट्रस्ट के दान का सही उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। यदि जांच में तथ्य सामने आए, तो इसका असर न केवल वित्तीय प्रबंधन बल्कि मंदिर निर्माण के पूरे प्रक्रिया पर भी पड़ेगा, और भविष्य में इस प्रकार की निधियों के प्रबंधन के लिए कड़े नियम बन सकते हैं।

Stay connected with Kotputli News for latest updates.


📲 Share on WhatsApp
✍️ By Pradeep Yadav | 04 Jul 2026