📰 Kotputli News
Breaking News: बेंगलुरु के डेकेयर में बालदोष: स्टाफ पर बच्चों के शारीरिक अत्याचार का मामला, पाँच कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज
🕒 1 hour ago

बेंगलुरु के एक प्रसिद्ध आईटी कैंपस के भीतर स्थित डेकेयर सेंटर में बच्चों के खिलाफ शारीरिक अत्याचार और क्रूर व्यवहार के आरोपों को सामने आने के बाद, स्थानीय पुलिस ने इस घटना के संबंध में कई कर्मचारियों के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज की है। यह घटना तब उजागर हुई जब कई अभिभावकों ने अपने छोटे बच्चों के साथ हुई अनैतिक घटनाओं की शिकायत की। आरोपों के अनुसार, क्रेच के कुछ स्टाफ सदस्यों ने शिशुओं को धोने के मशीन में डाल दिया, टॉयलेट के जलजेट से छिड़का, तथा अन्य कई असामान्य और असह्य व्यवहार किया। भारी मन से इस मामले को लेकर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पाँच देखभाल कर्मियों को गिरफ्तार किया और उनके खिलाफ ‘शारिरीक दुरुपयोग’ तथा ‘बाल शोषण’ के कई धाराओं में आरोप लगाते हुए FIR दर्ज की। इस डेकेयर सेंटर के प्रबंधन को भी इस संदिग्ध कर्मियों को तुरंत हटाने और पूरी जांच के दौरान सेंटर को बंद रखने का आदेश दिया गया। अमेरिकी समाचार एजेंसियों के अनुसार, यह क्रेच हाई-टेक कंपनियों के कर्मचारियों के बच्चों को देखभाल देने के लिए स्थापित किया गया था, परन्तु यहाँ की सुरक्षा प्रक्रियाओं में गंभीर चूक हुई। इस घटना की सूचना मिलने पर, कई अभिभावकों ने सामाजिक मंचों पर आक्रोश व्यक्त किया और अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए कड़ा कदम उठाने की माँग की। उन्होंने कहा कि बच्चों को ऐसी अनैतिक और अपमानजनक स्थितियों में नहीं डालना चाहिए और इस प्रकार की कोई भी चूक अभिभावकों के विश्वास को तोड़ती है। रिपोर्टों के अनुसार, कुछ शिशुओं को धोने की मशीन में डालने के बाद, उनके छोटे हाथ, पैर और सिर पर चोटें पाई गईं, जबकि कुछ को जलजेट की तेज़ धारा से छिड़क कर भयभीत किया गया। इस अत्याचार के बाद बच्चे शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से प्रभावित हुए, जिससे उनकी विकास प्रक्रिया पर गंभीर नकारात्मक असर पड़ सकता है। स्थानीय प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि बच्चा किसी भी संस्थान का सबसे अधिक नाज़ुक सदस्य होता है और उसकी सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इसके अलावा, केंद्रीय बाल सुरक्षा आयोग ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि ऐसे मामलों में तुरंत जांच कर के दोषियों को कड़ी सजा दिलवाना आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके। इस बीच, कई सामाजिक संगठन और बाल कल्याण विभाग ने इस पर विशेष बैठक बुलाई है और देखभाल केंद्रों में सुरक्षा मानकों को कड़ा करने की मांग की है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिये, बेंगलुरु पुलिस ने सभी बाल देखभाल संस्थानों को सख्त निरीक्षण करने और कर्मचारियों की पृष्ठभूमि जांच को कड़ा करने का आदेश दिया है। अभिभावकों को भी सलाह दी गई है कि वे अपने बच्चों को किसी भी डेकेयर सेंटर में भेजने से पहले उसके लाइसेंस, सुरक्षा मानक और कर्मचारियों की योग्यता की पूरी जाँच कर लें। इस दुखद घटना ने बेंगलुरु के कई प्रगति शील आईटी कंपनियों को भी यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि कार्यस्थल की सुरक्षा के साथ-साथ कर्मचारियों के परिवारों की सुरक्षा पर भी समान ध्यान दिया जाए।

Stay connected with Kotputli News for latest updates.


📲 Share on WhatsApp
✍️ By Pradeep Yadav | 02 Jul 2026