उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी जी शाह, जो अब राज्य के विकास के मोर्चे पर विजयी स्वर में आगे बढ़ रहे हैं, ने हाल ही में गवाह बिहार में सत्रराष्ट्रपति नरेंद्र मोदी को एक विशेष पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने ग्रामीण रोजगार योजना, जिसे वीबी‑जी रेम ग एक्ट (विनियमित सामाजिक सुरक्षा एवं ग्रामीण कार्य योजना) कहा जाता है, के कुछ कठोर प्रावधानों को ढीला करने और उनमें सुधार करने की अपील की। यह अपील केवल उत्तर प्रदेश के सीमित नहीं है, बल्कि पूरे ग्रामीण भारत में मौजूद चिंताओं को भी प्रतिबिंबित करती है। मुख्य कारण यह है कि इस एक्ट की प्रवर्तन प्रक्रिया में कई आर्थिक और सामाजिक बाधाएँ उत्पन्न हो रही हैं। इस योजना के तहत सौ से अधिक राज्य और केन्द्र सरकारें रोज़गार प्रदान करने के लिए प्रतिदिन न्यूनतम ₹300 वेतन का वचन देती हैं, परंतु इस राशि का हिसाब-किताब, न्यूनतम रोजगार दिनों की गिनती तथा कार्य की गुणवत्ता को लेकर कई बार नियमों की सख़्त व्याख्या किसानों, श्रमिकों और स्थानीय प्रशासन को कठिनाई में डाल देती है। मुख्यमंत्री विजय ने इस बात को स्पष्ट किया कि यदि नियमों में लचीलापन नहीं लाया गया तो कई सूक्ष्म किसानों और असंगठित कामगारों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाएगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास में बाधा उत्पन्न होगी। भारत में ग्रामीण क्षेत्रों के विकास हेतु इस तरह के सामाजिक सुरक्षा उपायों का महत्व अत्यधिक है, परन्तु ये उपाय तभी सफल हो सकते हैं जब वे स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप हों। मुख्यमंत्री विजय ने अपने पत्र में यह भी कहा कि वर्तमान में कई राज्यों ने इस एक्ट को लागू करने में बजट का बोझ महसूस किया है, जिससे उनके वार्षिक विकास योजनाओं पर दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि केंद्र सरकार कुछ प्रावधानों को पुनः विचार करे, जैसे कि न्यूनतम वेतन की दर को क्षेत्रीय मूल्य स्तर के अनुसार बदलना और कार्य के प्रकार के अनुसार श्रमिकों की सशर्त मान्यता देना, जिससे योजना का लाभ अधिकतम हो सके। इन मांगों के साथ ही मुख्यमंत्री ने ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के मूल उद्देश्य—हर गाँव में रोज़गार सृजन, गरीबी उन्मूलन और सामाजिक सुरक्षा—को नहीं भुलाया। उन्होंने कहा कि अगर योजना को सार्थक बनाना है, तो इसके नियमों में वहनीय लचीलापन और स्थानीय निकायों की भागीदारी बढ़ाने की जरूरत है। अंत में, मुख्यमंत्री विजय ने प्रधानमंत्री मोदी से अनुरोध किया कि इस दिशा में शीघ्र निर्णय लेकर ग्रामीण भारत के भविष्य को उज्ज्वल बनाने में मदद करें, ताकि हर हाथ को काम मिले और हर परिवार को सम्मानजनक आय मिल सके।