बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और आज़ादी के अग्रदूत शेख़ हसीना ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय मीडिया के साथ एक विशेष साक्षात्कार में कहा कि वह दो साल पहले जब सत्ता से हटाए गए थे, तब से ही अपने देश की वापसी की योजना बना रही थीं। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि वह "इस साल ही बांग्लादेश लौटेंगी" और अपने राजनीतिक आधार, अवामी लीग को फिर से सशक्त बनाने के लिए पूरा प्रयास करेंगी। इस बयान में हसीना ने यह भी उल्लेख किया कि उनकी अनुपस्थिति का मतलब देश के प्रति अनुचित ठहराव नहीं है, बल्कि वह इस अवधि को अपनी रणनीति बनाने का समय मानती हैं। हसीना ने बताया कि उनका प्रथम लक्ष्य बांग्लादेशी जनता के बीच पुनः भरोसा स्थापित करना है, जिससे अवामी लीग को फिर से सत्ता में लाया जा सके। उन्होंने कहा कि उनका दल कभी मिट नहीं सकता और उनका संघर्ष अभी समाप्त नहीं हुआ है। इस वर्ष की शुरुआत में उन्होंने विदेश में आयोजित कई कार्यक्रमों में बांग्लादेश की लोकतांत्रिक पुनर्स्थापना की जरूरत पर बल दिया और अपने अनुयायियों को आश्वासन दिया कि उनका लौटना न सिर्फ राजनैतिक मोर्चे पर, बल्कि आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए भी एक नया आयाम लेकर आएगा। अंत में शेख़ हसीना ने यह कहा कि वह अपनी वापसी के लिए सख्त टाइमलाइन निर्धारित कर रही हैं और इस साल के भीतर बांग्लादेश में वापस आएँगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह मौत या किसी भी प्रकार के डर से नहीं डरतीं; उनका विश्वास है कि बांग्लादेश के लोग उन्हें फिर से अपना नेतृत्व मानेंगे। इस बात को स्पष्ट करने के बाद उन्होंने कहा कि उनके वापस आने से अवामी लीग की पुनर्स्थापना में आवश्यक ऊर्जा और दिशा मिलेगी और इस प्रकार बांग्लादेश को फिर से स्थिरता और प्रगति की राह पर ले जाया जा सकेगा।