केरला सरकार ने 2026‑27 के संशोधित बजट को लाइव पेश किया, जहाँ मुख्य कार्यकारी स्वतंत्रता के नेता वी.एस. सथेयन ने कहा कि यह बजट 'पुथुयुगा केरला' यानी नई युग के केरल का आधारशिला होगा। प्रारम्भिक प्रस्तुति में राज्य की अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने, सामाजिक कल्याण को सुदृढ़ करने और वित्तीय स्थिरता को सुनिश्चित करने के लिए कई महत्त्वपूर्ण उपायों का खुलासा किया गया। सथेयन ने बताया कि इस बजट का उद्देश्य केवल खर्च को बढ़ाना नहीं, बल्कि दीर्घकालिक विकास के लिए संरचनात्मक सुधारों को लागू करना है, जिससे केरल को 2030 के लक्ष्य तक पहुँचाने में मदद मिलेगी। बजट में सबसे प्रमुख पहल में शिक्षा, स्वास्थ्य और साइबर‑डिजिटल बुनियादी ढाँचे के लिए भारी निवेश शामिल है। प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा में तकनीकी सहायता, स्कूलों में ई‑लर्निंग उपकरण, तथा विश्वविद्यालयों में अनुसंधान अनुदान की व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य क्षेत्र में आयुर्वेदिक और आधुनिक उपचार के संयोजन को बढ़ावा देते हुए, ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में नवीनतम उपकरण स्थापित करने की योजना है। साथ ही, डिजिटल साक्षरता को व्यापक बनाने के लिये हर जिले में फ्री वाई‑फाई हॉटस्पॉट और ऑनलाइन सरकारी सेवाओं के एकीकरण की व्यवस्था की गई है। वित्तीय संतुलन के प्रश्न का समाधान करने हेतु राज्य ने कर्ज़ नियंत्रण के लिए कड़े नियम अपनाए हैं। नया बजट राजस्व में 8.5 प्रतिशत की वृद्धि की आशा करता है, मुख्यतः पर्यटन, नवीनीकृत ऊर्जा और निर्यात‑उन्मुख उद्योगों से आय बढ़ाने के कारण। साथ ही, उपभोक्ता वस्तुओं पर अनावश्यक सब्सिडी को कम कर, लक्षित लाभार्थियों तक सीधा ट्रांसफ़र करने की नीति अपनाई गई है। इस दृष्टिकोण से न केवल मौजूदा वित्तीय घाटा घटेगा, बल्कि भविष्य में निवेश के लिए अधिक निधि उपलब्ध होगी। उद्योग एवं कृषि क्षेत्र को भी नई दिशा दी गई है। छोटे एवं मध्यम उद्यमों को सस्ती ऋण सुविधा, तकनीकी प्रशिक्षण और बाजार तक पहुँच के लिए विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) की घोषणा की गई है। कृषि में सतत खेती, जल साक्षरता और जलवायु‑सुरक्षित फसल परियोजनाओं को प्रोत्साहन दिया गया है, जिससे किसान आय में वृद्धि और पर्यावरणीय संतुलन दोनों सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही, केरल के समुद्री अर्थव्यवस्था को विकसित करने के लिये नौकायन, मछली पालन और समुद्री ऊर्जा के लिये विशेष निधि आवंटित की गई है। निष्कर्षतः, सथेयन का यह पहला बजट सामाजिक कल्याण और वित्तीय अनुशासन के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रयास है। 'पुथुयुगा केरला' के सपने को साकार करने हेतु आवश्यक आर्थिक ढाँचा, डिजिटल परिवर्तन और संरचनात्मक सुधार इस बजट में स्पष्ट रूप से प्रतिबिंबित होते हैं। यदि इन योजनाओं को सही ढंग से लागू किया गया, तो केरल केवल आर्थिक स्थिरता ही नहीं, बल्कि सामाजिक प्रगति में भी देश के सर्वश्रेष्ठ उदाहरणों में से एक बन सकता है।