ग्लोबल सत्र का माहौल कुछ अलग ही था जब भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने एक-दूसरे के साथ हँसी‑मजाक किया और साथ ही इंस्टाग्राम के बारे में एक रोचक बातचीत भी की। यह घटना अंतर्राष्ट्रीय G7 सम्मेलन के दौरान हुई, जहाँ दोनों ने अपने-अपने देशों की नीतियों और सामाजिक मीडिया पर अपनी राय साझा की। संभाषण की शुरुआत तब हुई जब दोनों ने हाल ही में वायरल हुए ‘मेलेडी’ वीडियो का उल्लेख किया, जिसे सोशल मीडिया पर 1.3 करोड़ से अधिक लाइक मिले थे। इस वीडियो में मोदी और मेलोनी ने स्वाभाविक ढंग से एक साथ गाया और नाचते हुए दिखाए गए थे, जिससे इंटरनेट पर उनका ‘सबसे प्रसिद्ध जोड़ा’ बनना तय हो गया। इस पर मेलोनी ने तुरंत हल्का-फुल्का जवाब देते हुए कहा, “हम दोनों इंस्टाग्राम पर सबसे प्रसिद्ध कपल हैं।” यह बात सुनते ही उपस्थित सभी के चेहरों पर मुस्कान छा गई, और फिर वह सभी के सामने ही एक दूसरे को इंस्टाग्राम की ट्रेंडिंग टॉपिक के बारे में बताया। संवाद में मोदी ने भी समान भाव में टिप्पणी की कि सोशल मीडिया का प्रयोग कैसे जनसंपर्क को आसान बना रहा है, और कैसे सकारात्मक संदेश तेजी से फैलते हैं। उन्होंने बताया कि भारत में तरुण वर्ग की सक्रिय भागीदारी और कंटेंट क्रिएशन ने राष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया है। वहीं मेलोनी ने इटली के डिजिटल जनजागरण के प्रयासों का उल्लेख किया, तथा बताया कि कैसे छोटे‑छोटे पोस्ट भी बड़े प्रभावी बदलाव की शुरुआत बन सकते हैं। इस पर सभी ने हाथ मिलाते हुए कहा, “एक साथ मिलकर हम एक बेहतर डिजिटल दुनिया बना सकते हैं।” इस मुलाकात की सबसे बड़ी खास बात यह थी कि दोनो देशों के प्रधानमंत्री ने अपनी गंभीर राजनयिक जिम्मेदारियों के बीच भी सामाजिक मीडिया के महत्व को उजागर किया। G7 सम्मेलन के दौरान इस प्रकार की हल्की-फुल्की बातचीत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर दो देशों के बीच मित्रता को और मजबूती दी। यह घटना सिर्फ एक चुनिंदा राजनयिक मुलाक़ात नहीं, बल्कि डिजिटल युग में नेताओं के संवाद का नया रूप भी साबित हुई। निष्कर्षतः, मोदी‑मेलन की इस गर्मजोर बातचीत ने यह सिद्ध किया कि आधुनिकीकरण और सामाजिक मीडिया की शक्ति से सामाजिक और राजनयिक संबंधों में नई ऊर्जा आती है। वायरल ‘मेलेडी’ पोस्ट की सफलता, लाखों लाइकों के साथ, यह दर्शाती है कि जनता किस तरह के हल्के‑फुल्के एवं मानवीय पहलुओं को सराहती है। आगे भी दोनों देशों के बीच इस तरह के सृजनात्मक और सकारात्मक संवादों की आशा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय मंच पर सहयोग और समझ को नया आयाम मिल सके।