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Breaking News: लौट जनरल धीरज सेठ को नई भारतीय सेना प्रमुख के रूप में नियुक्ति: 30 जून से संभालेंगे कमान
🕒 2 hours ago

रक्षा मंत्रालय ने आज एक महत्वपूर्ण घोषणा की, जिसमें लौट जनरल धीरज सेठ को भारतीय सेना के अगले प्रमुख के रूप में नामित किया गया है। यह निर्णय अप्रैल महीने में किए गए संवारक समिति की सिफ़ारिशों के बाद आया है, और बहु‑वर्षों की अनुभव‑सम्पन्न सेवा को देखते हुए उनका चयन किया गया। नई नियुक्ति के अनुसार, जनरल सेठ 30 जून, 2026 को कमान संभालेंगे और अगले पाँच वर्षों तक भारतीय सेना की मुख्य दिशा-निर्देश स्थापित करेंगे। इस घोषणा से देशभर में सुरक्षा‑परिस्थिति, आधुनिकरण योजनाओं और रणनीतिक चुनौतियों को लेकर कई मतभेद और आशाएँ उजागर हुई हैं। लौट जनरल धीरज सेठ भारतीय सेना के प्रतिष्ठित बख्तरबंद कोर में से एक हैं। उन्होंने अपने शुरुआती करियर में कई कठिन कोर्स पार किए और विशेष रूप से बख्तरबंद कार्प्स में गहरी समझ विकसित की। उन्हें पाकिस्तान‑नेपाल सीमा पर तैनात कई महत्वपूर्ण अभियानों में सफल नेतृत्व के लिए सराहा गया, और उनका नाम ऑपरेटिव योजना तथा युद्ध‑प्रशिक्षण में अत्यधिक सम्मानित माना जाता है। पिछले दो दशकों में वे कई प्रमुख मानवीय और सुरक्षा‑मिशन में भागीदारी कर चुके हैं, जिससे उनका अनुभव व्यापक और विविध बना है। इस प्रकार की पृष्ठभूमि को देखते हुए, रक्षा विशेषज्ञों ने कहा है कि उनका चयन भारतीय सेना को आधुनिक युद्ध‑प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा और सामरिक लचीलापन में नई दिशा प्रदान कर सकता है। सेठ की नई पदस्थापना का अर्थ केवल दरबार में बदलाव नहीं, बल्कि भारतीय रक्षा नीति के पुनर्गठन के लिये एक नई ऊर्जा का संचार भी है। सरकार ने पहले ही कहा है कि उनके कार्यकाल में सैन्य आधुनिकीकरण के बड़े प्रोजेक्ट, जैसे कि उन्नत रडार, स्वायत्त ड्रोन और क्वांटम संचार प्रणाली को तेज़ी से लागू किया जाएगा। इसके साथ ही, राष्ट्रीय सीमाओं पर सतत निगरानी और सीमावर्ती सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिये रणनीतिक पुनर्संरचना भी envisaged की गई है। जनरल सेठ ने अपने प्रारम्भिक बयानों में कहा है कि उनका प्राथमिक लक्ष्य भारतीय सेना को "परिणाम‑उन्मुख, तकनीकी‑समर्थ और नैतिक रूप से सुदृढ़" बनाना होगा। अंत में यह कहा जा सकता है कि लौट जनरल धीरज सेठ की नियुक्ति भारतीय रक्षा तंत्र में नई सांस लेकर आई है। उनका विस्तृत युद्ध‑क्षेत्र अनुभव, बख्तरबंद कार्प्स की गहरी समझ और रणनीतिक दृष्टिकोण सेना को भविष्य की जटिल चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बनाएगा। 30 जून को जब वे औपचारिक रूप से कमान संभालेंगे, तब से लेकर उनके कार्यकाल समाप्त होने तक, भारतीय सेना की प्रभावशीलता, तत्परता और राष्ट्रीय सुरक्षा की दृढ़ता में स्पष्ट परिवर्तन की उम्मीद की जा रही है। यह परिवर्तन न केवल सैन्य स्तर पर, बल्कि राष्ट्रीय आत्मविश्वास और विदेश नीति में भी सकारात्मक प्रभाव डालेगा।

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✍️ By Pradeep Yadav | 13 Jun 2026