📰 Kotputli News
Breaking News: अमेरिकी हमले से मारे तीन भारतीय नाविकों पर भारत ने किया कड़ा विरोध
🕒 1 hour ago

भारतीय विदेश मंत्रालय ने हाल ही में घोरे हुए अमेरिकी हवाई हमले पर तीखा विरोध जताया है, जिसमें खाड़ी के पास स्ट्रेट ऑफ़ हॉरमुज़ में स्थित एक नौसेना टैंकर पर दो हेल्फायर मिसाइलें गिराई गईं और तीन भारतीय नाविकों की जान ले ली गई। यह हमला, जो संयुक्त राज्य के आधिकारिक बयान के अनुसार लक्षित ट्रांसपोर्टर पर किया गया था, ने न केवल भारत के विदेश नीति पर सवाल खड़े कर दिया है, बल्कि द्विपक्षीय संबंधों में भी तनाव की लहरें पैदा कर दी हैं। हॉरमुज़ की जलधारा को इराक, ईरान और अरबी प्रायद्वीप के तेल साधनों के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है, और इस क्षेत्र में अक्सर नौसैनिक सुरक्षा संबंधी चुनौतियां सामने आती रहती हैं। अमेरिकी सेना ने कहा कि यह हमला संदेहास्पद बहिष्कारीय गतिविधियों के बावजूद, एक संभावित खतरे को रोकने के लिए किया गया था। लेकिन भारत की सरकारी टिप्पणी ने इस बयान को अस्वीकार कर दिया, यह बताते हुए कि वह इस हमले को "अविरोधनीय" और "असंसाध्य" मानते हैं तथा इस पर तत्काल उत्तरदायित्व की मांग की है। विदेश मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में अभी तक किसी भी हथियार या प्रणाली की गलती सिद्ध नहीं हुई है, लेकिन भारतीय नौसैनिक सुरक्षा को पूर्णतः सुरक्षित करने का आश्वासन दिया गया। इस घटना को लेकर भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी आवाज़ उठाई है। अगले जी-7 शिखर सम्मेलन में, भारत अपने प्रतिनिधियों को स्ट्रेट ऑफ़ हॉरमुज़ में निरंकुशन एवं निर्बाध पहुंच की मांग करने का निर्देश देगा, और इस दिशा में संयुक्त राष्ट्र तथा अन्य देशों से सहयोग की अपेक्षा करेगा। साथ ही, रक्षा एवं प्रौद्योगिकी सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए फ्रांस और स्लोवाकिया के साथ वार्ता भी निर्धारित की गई है, जिससे ऐसे हमला-रोधी उपायों को सशक्त किया जा सके। तीन भारतीय नाविकों के परिवारों ने भी इस घटना पर गहरा आँसू बहाया है, वे पूछते हुए कि उनके प्रियजनों के साथ क्या हुआ और जिम्मेदारों को कैसे दण्डित किया जाएगा। भारत के संसद में भी इस मुद्दे पर सवाल उठाए गए, जहाँ कई सांसदों ने अमेरिकी-भारतीय संबंधों में शंकुता के बाद भी पारदर्शिता और जिम्मेदारी की माँग की। इस बीच, दोनों देशों के बीच व्यापार और रणनीतिक साझेदारी को देखते हुए इस तरह की घटनाओं ने कूटनीतिक जटिलताओं को और गहरा कर दिया है। निष्कर्षतः, स्ट्रेट ऑफ़ हॉरमुज़ में हुए इस दुर्भाग्यपूर्ण हमले ने भारत-अमेरिका संबंधों में नई चुनौतियों को उजागर किया है। भारत ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के तहत अपने नागरिकों के जीवन की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा और इस प्रकार के हमलों को रोकने के लिए वैश्विक समुदाय से सहयोग का आह्वान करेगा। इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच रणनीतिक संवाद को पुनः सुदृढ़ करने की आवश्यकता स्पष्ट है, ताकि भविष्य में ऐसे विनाशकारी संघर्षों से बचा जा सके।

Stay connected with Kotputli News for latest updates.


📲 Share on WhatsApp
✍️ By Pradeep Yadav | 11 Jun 2026