📰 Kotputli News
Breaking News: भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को दिया दृढ़ विरोध: व्यापारिक जहाजों पर हमला न बर्दाश्त
🕒 1 hour ago

बड़े ही आश्चर्य के साथ अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा पर नया संकट उभरा है, जब इरान-इज़राइल के बीच चल रही जुझारूपन के बीच से व्यापारिक नौकाओं को लक्ष्य बनाया गया। इस क्रम में भारतीय नागरिकों को लेकर उठे प्रश्नों पर भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) को स्पष्ट रूप से बताया कि वह समुद्री व्यापार पर किसी भी प्रकार के आक्रमण का कड़ा विरोध करता है। यह बयान भारत के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के बाद आया, जिसमें कहा गया कि भारत अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए सभी पक्षों से शांति और स्थिरता की अपील करता है। साथ ही, ओमान के निकट स्थित एक तेल टैंकर पर अमेरिकी वायु हमला किया गया, जिसमें भारतीय दलानी वाले कई कर्मियों को मार गिरा या उनका अपहरण हो गया। इस घटना ने भारत को गहराई से चौंका दिया, जिससे विदेश मंत्रालय ने तुरंत अमेरिका के राजनयिक प्रतिनिधि को दिल्ली बुलाकर कड़ी निंदा की। मंत्रालय ने कहा कि इस तरह के हमले न केवल अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि भारतीय समुद्री कर्मियों के प्राण और परिवारों के प्रति भी अपमानजनक हैं। उक्‍त्रिकोण में, अमेरिकी विमान ने टैंकर को निशाना बनाया, जबकि टैंकर पर भारतीय नाविक भी सवार थे। इस हमले में तीन भारतीय समुद्री कर्मी गायब हो गए, जिसके बाद भारत ने कई उच्च स्तर के राजनयिक स्तर पर कार्रवाई की। विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी विदेश राजदूत को बुलाकर कड़ी बयानी की, साथ ही उन्होंने इस हमले की सख्त जांच की मांग की और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मामले को सुलझाने की अपील की। इन घटनाओं के बीच, भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को विशेष प्रस्ताव पेश किया, जिसमें सभी देशों से अनुरोध किया गया कि वे समुद्री रास्तों की सुरक्षा सुनिश्चित करें और इस तरह के हमलों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएँ। भारत का यह कदम अंतरराष्ट्रीय समुदाय में शांति और स्थिरता के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। इस बीच, अन्य देशों ने भी इस मुद्दे पर अपनी-अपनी राय व्यक्त की है, जबकि इरान-इज़राइल के बीच के संघर्ष में क्या भूमिका होगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। सभी घटनाओं को देखते हुए यह स्पष्ट है कि समुद्री सुरक्षा का जोखिम बढ़ रहा है और विश्व के प्रमुख समुद्री व्यापार मार्गों पर कोई भी आक्रमण पूरे अंतरराष्ट्रीय सामुदायिक को असुरक्षित कर सकता है। भारत का दृढ़ विरोध और संयुक्त राष्ट्र के मंच पर मुद्दे को उठाना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भविष्य में समुद्री व्यापार और मानव जीवन की सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय नियमों को सुदृढ़ करने में सहायक हो सकता है।

Stay connected with Kotputli News for latest updates.


📲 Share on WhatsApp
✍️ By Pradeep Yadav | 11 Jun 2026