जालोर विरासत: लेटा गांव का पारंपरिक हथकरघा खेसला उद्योग पीढ़ियों से कायम
जालोर से लगभग 7 से 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित लेटा गांव अपनी पारंपरिक हथकरघा विरासत को आज भी संजोए हुए है। यहां के कारीगर पीढ़ियों से 100 प्रतिशत शुद्ध कपास के धागों का उपयोग करके पारंपरिक खेसले तैयार कर रहे हैं। आधुनिक मशीनों के इस दौर में भी यह ग्रामीण