परसरामपुरा छतरी: झुंझुनूं विजय की प्रतीक 18वीं सदी की धरोहर संरक्षण के अभाव में उपेक्षित
परसरामपुरा गांव में स्थित महाराव शार्दुल सिंह की ऐतिहासिक छतरी 18वीं शताब्दी की शेखावाटी वास्तुकला और शौर्य का जीवंत प्रतीक है। उनके निधन के बाद उनके पांचों पुत्रों द्वारा निर्मित इस छतरी में प्राकृतिक रंगों से बने दुर्लभ भित्तिचित्र मौजूद हैं, जिनमें शास