Kotputli News
राजस्थान राज्य

पाली के सोजत में पानी के टांके से दुर्लभ मारवाड़ पैंगोलिन सुरक्षित रेस्क्यू

पाली जिले के सोजत में पानी के टांके में फंसे एक दुर्लभ पैंगोलिन को स्थानीय लोगों की सूचना पर सुरक्षित बाहर निकाला गया। स्नेक कैचर अजय कुमार ने बिना किसी नुकसान के इस अनोखे जीव का सफल रेस्क्यू किया। इसके बाद मारवाड़ में चींटीखोर के नाम से पहचाने जाने वाले

K
Kotputli News प्रकाशित: 24 Sep 2026, 02:31 PM
⏱ 2 मिनट का समय 👁 4 बार देखा गया
यह समाचार अंग्रेजी में भी उपलब्ध है: Read in English →
पाली के सोजत में पानी के टांके से दुर्लभ मारवाड़ पैंगोलिन सुरक्षित रेस्क्यू
पाली के सोजत में पानी के टांके से दुर्लभ मारवाड़ पैंगोलिन सुरक्षित रेस्क्यू फोटो आभार: News18 Rajasthan State Wire
समाचार सुनें

0:00 / ~2:00
शेयर करें: 2 शेयर
WhatsApp Facebook

पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों का ध्यान आकर्षित करने वाली एक असाधारण वन्यजीव रेस्क्यू घटना के तहत, पाली जिले के सोजत क्षेत्र में एक पानी के टांके में फंसे दुर्लभ पैंगोलिन को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

स्थानीय भाषा में 'चींटीखोर' के नाम से पहचाने जाने वाला यह अनोखा जीव एक आवासीय परिसर के पानी के टांके में फंस गया था, जिसे सतर्क स्थानीय लोगों ने समय रहते देख लिया और बिना देर किए इसकी सूचना संबंधित रेस्क्यू टीम को दी।

ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों से गंभीर स्थिति की सूचना मिलते ही विशेषज्ञ स्नेक कैचर अजय कुमार तुरंत मौके पर पहुंचे और चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू अभियान की शुरुआत की। उन्होंने अत्यधिक सावधानी और पेशेवर कौशल का परिचय देते हुए बिना किसी नुकसान के इस पैंगोलिन को टांके से बाहर निकाला।

संरक्षित वन्यजीवों की श्रेणी में आने वाले इस जीव के शरीर पर बेहद सख्त शल्क होते हैं और इसके मुंह में दांत नहीं पाए जाते हैं। इसकी सबसे अनूठी विशेषता इसकी लगभग 40 सेंटीमीटर लंबी चिपचिपी जीभ है, जो चींटियों और दीमक के बिलों की गहराई तक पहुंचकर अपना भोजन तलाशने में सक्षम होती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह जीव पर्यावरण के पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखने में बेहद अहम भूमिका निभाता है। पाली क्षेत्र में इस दुर्लभ वन्यजीव की मौजूदगी इस बात का प्रमाण है कि इस इलाके में अभी भी कई अनमोल और संरक्षित जीव-जंतु प्राकृतिक रूप से मौजूद हैं।

सफलतापूर्वक रेस्क्यू पूरा करने के बाद, स्नेक कैचर अजय कुमार ने इस वन्यजीव को पूरी सुरक्षा के साथ वन विभाग की स्थानीय टीम के सुपुर्द कर दिया, ताकि इसकी स्वास्थ्य जांच कर इसे सुरक्षित प्राकृतिक आवास में छोड़ा जा सके।

प्रशासनिक अधिकारियों और वन विभाग ने स्थानीय नागरिकों की जागरूकता और त्वरित सतर्कता की सराहना की है, साथ ही अपील की है कि भविष्य में भी ऐसे दुर्लभ वन्यजीवों के दिखने पर तुरंत विभाग को सूचित किया जाए ताकि उनकी रक्षा सुनिश्चित की जा सके।

विज्ञापन Apex Defense Academy Behror Admissions
प्रायोजित

Admissions Open: NDA, Air Force, Navy & Police Training Academy

Join the premier defense residential academy in Behror. Free demo classes this Sunday.

संबंधित खबरें

राजस्थान राज्य 24 Sep 2026

राजस्थान से मानसून की विदाई शुरू, जैसलमेर में पारा 40 डिग्री के पार, बारिश पड़ी कमजोर

राजस्थान से दक्षिण-पश्चिम मानसून की आधिकारिक विदाई शुरू हो गई है, जिससे बारिश में भारी कमी और तापमान में अचानक वृद्धि दर्ज की गई है। शुष्क मौसम के प्रभाव से जैसलमेर में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। मौसम विभाग ने अगले चार से पांच दिनों तक र

⏱ 4 मिनट का समय 👁 5
राजस्थान राज्य 24 Sep 2026

राजस्थान में मानसून का अंतिम दौर: मौसम विभाग ने हल्की बारिश और विदाई की भविष्यवाणी की

राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मानसून अपने अंतिम चरण में है और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने अगले दो से तीन दिनों में राज्य के कुछ हिस्सों से इसके पूरी तरह विदा होने की संभावना जताई है। इक्कीस सितंबर को कोटा, उदयपुर और अजमेर संभाग में हल्की बारिश के साथ तीस से

⏱ 5 मिनट का समय 👁 5
राजस्थान राज्य 24 Sep 2026

जालोर की सात वर्षीय पहल चौधरी ने दिग्गज कलाकारों के साथ बॉलीवुड में किया पदार्पण

महज सात वर्ष की आयु में जालोर के भीनमाल की रहने वाली पहल चौधरी ने अभिनय की दुनिया में एक नया अध्याय शुरू किया है। टेलीविजन विज्ञापनों और धारावाहिकों में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वह फिल्म 'हैवान' के माध्यम से बड़े पर्दे पर सैफ अली खान और अक्षय कुमार जैस

⏱ 3 मिनट का समय 👁 4
राजस्थान राज्य 24 Sep 2026

महाराजा डूंगर सिंह द्वारा निर्मित बीकानेर के ऐतिहासिक लालेश्वर महादेव मंदिर की अनूठी गाथा

बीकानेर का ऐतिहासिक लालेश्वर महादेव मंदिर पूर्व राजघराने से जुड़ी अपनी गहरी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है। महाराजा डूंगर सिंह ने अपने पिता महाराजा लाल सिंह की स्मृति में इस मंदिर का निर्माण करवाया था। शिवबाड़ी के अधिष्ठाता विमर्शानंद मह

⏱ 3 मिनट का समय 👁 4
K
कोटपूतली न्यूज़ ऐप इंस्टॉल करें

फास्ट लोडिंग व मोबाइल ऐप अनुभव

🍪

हम बेहतर उपयोगकर्ता अनुभव, विश्लेषण और प्रासंगिक विज्ञापनों (Google AdSense) के लिए कुकीज़ का उपयोग करते हैं। गोपनीयता नीति पढ़ें

Success