राजस्थान में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार बंगाल की खाड़ी में सक्रिय होने वाले नए सिस्टम के प्रभाव से 11 सितंबर से पूर्वी राजस्थान और कोटपूतली-बहरोड़ अंचल में तेज बारिश का नया दौर शुरू होने की प्रबल संभावना है।
मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि जयपुर, भरतपुर और कोटा संभागों में आगामी दिनों में गर्जना के साथ मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। इस नए मानसूनी तंत्र से तापमान में गिरावट आएगी और उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी।
प्रशासन ने कोटपूतली, बहरोड़, नीमराना और पावटा के स्थानीय निकायों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं ताकि जलभराव की स्थिति में त्वरित जल निकासी सुनिश्चित की जा सके।
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह वर्षा खरीफ फसलों के लिए जीवनदायिनी साबित होगी, विशेषकर बाजरे और दलहन की फसलों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। किसानों को खेत में अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था रखने की सलाह दी गई है।
राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 48 और प्रमुख संपर्क मार्गों पर यातायात सुचारू रखने के लिए आपदा प्रबंधन टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।