जयपुर में शुद्ध आहार मिलावट अभियान के अंतर्गत खाद्य सुरक्षा विभाग ने रामनगर क्षेत्र में स्थित ज़ेप्टो के डार्क स्टोर पर एक बड़ी और प्रभावी कार्रवाई को अंजाम दिया। इस औचक निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य त्वरित वाणिज्य और डार्क स्टोर नेटवर्क के माध्यम से वितरित होने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और स्वास्थ्य मानकों की बारीकी से जांच करना था।
यह व्यापक अभियान लगातार प्राप्त हो रही शिकायतों और आधुनिक खुदरा वितरण केंद्रों में खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। वर्तमान समय में त्वरित वितरण प्रणालियों पर उपभोक्ताओं की बढ़ती निर्भरता को देखते हुए यह आवश्यक हो गया है कि भंडारण और तापमान नियंत्रण के नियमों का कड़ाई से पालन किया जाए।
डार्क स्टोर के भीतर की गई गहन जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि भंडारण इकाइयों में तापमान नियंत्रण और स्वच्छता मानकों की गंभीर रूप से अनदेखी की जा रही थी। मानकों के गंभीर उल्लंघन के पाए जाने के बाद, सरस और अमूल ब्रांड के कुल 1550 डेयरी पैकेटों को मानव उपभोग के लिए असुरक्षित मानते हुए नष्ट करने की कार्रवाई की गई।
निरीक्षण दल द्वारा मौके पर ही खराब और दूषित सामान का विस्तृत आंकलन किया गया, जिसमें कुल 107 किलोग्राम खराब सामान की पुष्टि हुई। इस कुल मात्रा में 100 किलोग्राम डैमेज सामान और 7 किलोग्राम एक्सपायरी सामान शामिल था, जिसे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तुरंत प्रभाव से नष्ट कराया गया।
दूषित डेयरी उत्पादों और खराब सामान के विनाश के अतिरिक्त, खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने पीनट बटर और शहद के आधिकारिक नमूने भी जब्त किए। इन सभी नमूनों को गुणवत्ता और शुद्धता की पुष्टि के लिए राज्य की अधिकृत प्रयोगशाला में जांच हेतु भेज दिया गया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बाजार में बिकने वाले अन्य उत्पाद सुरक्षित हैं या नहीं।
इस प्रशासनिक कार्रवाई का व्यापक असर कोटपुतली-बहरोड़ सहित जयपुर के संपूर्ण क्षेत्रीय व्यापार और उपभोक्ता बाजार पर पड़ा है। स्थानीय नागरिकों और उपभोक्ता संगठनों ने खाद्य सुरक्षा विभाग के इस कदम की सराहना की है तथा आधुनिक डिलीवरी प्लेटफॉर्मों पर निरंतर और कड़ी निगरानी रखने की जोरदार मांग उठाई है।
खाद्य सुरक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फर्म के खिलाफ प्रचलित खाद्य सुरक्षा कानूनों के तहत सख्त वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन भविष्य में भी इस प्रकार के सभी डार्क स्टोरों और वितरण केंद्रों की नियमित जांच जारी रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है ताकि आम जनता के स्वास्थ्य के साथ कोई समझौता न हो सके।