Kotputli News
कृषि एवं मंडी सेवाएं

शेखावाटी क्षेत्र में सरकारी दरों पर रबी फसलों के उन्नत बीज उपलब्ध

राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र के किसानों को गंभीर सर्दी, पाला और सिंचाई के पानी की कमी जैसी चुनौतियों से राहत देने के लिए सीकर के फतेहपुर कृषि अनुसंधान केंद्र में उन्नत बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। ये बीज सरकारी दरों पर पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर ऑनलाइन औ

K
Kotputli News प्रकाशित: 12 Oct 2026, 06:30 PM
⏱ 4 मिनट का समय • 👁 1,005 बार देखा गया
यह समाचार अंग्रेजी में भी उपलब्ध है: Read in English →
शेखावाटी क्षेत्र में सरकारी दरों पर रबी फसलों के उन्नत बीज उपलब्ध
शेखावाटी क्षेत्र में सरकारी दरों पर रबी फसलों के उन्नत बीज उपलब्ध फोटो आभार: News18 Rajasthan State Wire
समाचार सुनें

0:00 / ~4:00
शेयर करें: 2 शेयर
WhatsApp Facebook

राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र में कृषि से जुड़े किसानों को हर साल गंभीर सर्दी, पाला और सिंचाई के पानी की कमी जैसी बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ये मौसमी और प्राकृतिक कारक फसलों के उत्पादन को भारी नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे स्थानीय कृषक समुदायों की आजीविका पर सीधा असर पड़ता है। इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए कृषि संस्थानों ने स्थानीय जलवायु के अनुकूल फसलों को बढ़ावा देने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं।

किसानों की इन्हीं कठिनाइयों को कम करने के उद्देश्य से सीकर जिले के फतेहपुर कृषि अनुसंधान केंद्र में रबी फसलों की उन्नत किस्म के बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यह पहल क्षेत्र के किसानों के लिए एक बड़ी राहत बनकर सामने आई है, क्योंकि मौसम की अनिश्चितता के बीच सही बीज का चयन करना कृषि सफलता की पहली सीढ़ी होती है। अनुसंधान केंद्र द्वारा दी जा रही ये बीज किस्में स्थानीय मिट्टी और तापमान के पूरी तरह अनुकूल हैं।

फतेहपुर कृषि अनुसंधान केंद्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार, किसान इस केंद्र से चना, जौ, तारामीरा और मेथी के उन्नत बीज सरकारी दरों पर खरीद सकते हैं। इन बीजों की कीमतें किस्म के आधार पर 40 से 110 रुपये तक निर्धारित की गई हैं, जिससे हर वर्ग के किसानों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले बीज किफायती दरों पर सुलभ हो सकें और खेती की लागत नियंत्रित रहे।

केंद्र के फार्म प्रभारी सहायक प्रोफेसर झूमरलाल ने बताया कि इन विशेष किस्मों का चयन पूरी तरह से स्थानीय जलवायु और मौसमी परिस्थितियों को ध्यान में रखकर किया गया है, ताकि पाले और पानी की कमी जैसी विपरीत परिस्थितियों में भी फसलें सुरक्षित रह सकें। किसानों को ये बीज पूरी तरह से पारदर्शिता बनाए रखते हुए पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर वितरित किए जा रहे हैं।

इस सरकारी पहल का सकारात्मक प्रभाव पूरे शेखावाटी क्षेत्र के ग्रामीण और कृषि आधारित अर्थतंत्र पर पड़ेगा। जब किसानों को कम पानी और पाले को सहन करने वाले उन्नत बीज उचित दामों पर मिलते हैं, तो उत्पादन सुरक्षित रहता है और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है, जिससे क्षेत्रीय व्यापार और समृद्धि को भी बढ़ावा मिलता है.

प्रशासनिक व्यवस्थाओं के तहत किसानों को बीज प्राप्त करने के लिए दो विकल्प दिए गए हैं। ऑनलाइन बुकिंग के इच्छुक किसान श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय के आधिकारिक सीड पोर्टल के माध्यम से अपनी बुकिंग दर्ज करा सकते हैं, जबकि ऑफलाइन खरीद के लिए किसानों को केंद्र पर अपना आधार कार्ड और मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करना होगा।

वितरण प्रक्रिया को सुचारू और पारदर्शी बनाए रखने के लिए प्रशासन ने समय सीमा का विशेष नियम लागू किया है। नियमानुसार, बुकिंग प्रक्रिया पूरी होने के तीन दिन के भीतर किसानों को अपने बीजों का उठाव अनुसंधान केंद्र से करना अनिवार्य होगा। कृषि अधिकारियों ने क्षेत्र के सभी किसानों से अपील की है कि वे समय पर इस सुविधा का लाभ उठाएं और अपनी फसल की पैदाوار को सुरक्षित करें।

Featured Creator Deep | @deepdrives.in
Deep | @deepdrives.in

📸 Deep | @deepdrives.in

🚗 Kotputli Ka Ladka • Car Creator

Real owner reviews, tested mileage & hidden car hacks! Join 10K+ automobile lovers.

K

Kotputli News

सत्यापित पत्रकार

कोटपूतली-बहरोड़ जिला संवाददाता एवं संपादकीय डेस्क

तथ्य-जांच सत्यापित

यह समाचार रिपोर्ट कोटपूतली न्यूज़ संपादकीय आचार संहिता के तहत प्रकाशित की गई है। यदि आपको इसमें कोई तथ्यात्मक त्रुटि प्रतीत हो तो सुधार हेतु संपर्क करें।

संबंधित खबरें

कृषि एवं मंडी सेवाएं • 12 Oct 2026

विशेषज्ञ सलाह: उन्नत सरसों बुवाई तकनीकों से राजस्थान में फसल उत्पादकता में हो रही वृद्धि

राजस्थान के भरतपुर जिले में सरसों की बुवाई का सीजन शुरू होने के साथ ही किसान अधिकतम पैदावार के लिए खेतों की तैयारी में जुट गए हैं। कृषि विशेषज्ञों द्वारा दो प्रमुख बुवाई विधियों का सुझाव दिया गया है तथा गुणवत्तापूर्ण बीजों, संतुलित खादों और उचित मिट्टी की

⏱ 5 मिनट का समय 👁 1,005
कृषि एवं मंडी सेवाएं • 12 Oct 2026

सुमेरपुर: मारवाड़ की व्यापारिक लाइफलाइन और पश्चिमी राजस्थान का प्रमुख कृषि मंडी केंद्र

पाली जिले का सुमेरपुर शहर, जोधपुर के महाराजा सुमेर सिंह की दूरदर्शिता से बसाया गया था, जो आज पश्चिमी राजस्थान का एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र बन चुका है। यहां स्थित महाराजा उम्मेद सिंह कृषि उपज मंडी क्षेत्र में अनाज और तिलहन व्यापार का मुख्य केंद्र है। यह व

⏱ 4 मिनट का समय 👁 1,009
कृषि एवं मंडी सेवाएं • 11 Oct 2026

श्रीगंगानगर अनुसंधान में देसी कपास ने अमेरिकन किस्मों को पछाड़ा

श्रीगंगानगर के कृषि अनुसंधान में यह महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है कि देसी कपास की पैदावार अमेरिकन कपास की तुलना में लगभग 26 प्रतिशत अधिक है। इस उल्लेखनीय कृषि लाभ के बावजूद, नहरबंदी के समय और फसल की कई बार चुनाई की चुनौतियों के कारण किसान देसी किस्मों से द

⏱ 3 मिनट का समय 👁 1,009
कृषि एवं मंडी सेवाएं • 11 Oct 2026

संकट में पाली की अनमोल विरासत: पर्यावरण प्रदूषण के कारण खतरे में पड़ी प्रसिद्ध सिंघाड़े की खेती

राजस्थान के पाली जिले की ऐतिहासिक पहचान रहे मीठे और कुरकुरे सिंघाड़े का वजूद ऐतिहासिक लोरडिया तालाब में गंभीर प्रदूषण और गाद जमने के कारण संकट में पड़ गया है। सीवरेज और कचरे के कारण पानी दूषित होने से स्थानीय किसानों ने पारंपरिक खेती पूरी तरह छोड़ दी है,

⏱ 5 मिनट का समय 👁 1,006
K
कोटपूतली न्यूज़ ऐप इंस्टॉल करें

फास्ट लोडिंग व मोबाइल ऐप अनुभव

🍪

हम बेहतर उपयोगकर्ता अनुभव, विश्लेषण और प्रासंगिक विज्ञापनों (Google AdSense) के लिए कुकीज़ का उपयोग करते हैं। गोपनीयता नीति पढ़ें

✓ Success