अलवर क्षेत्र में उपभोक्ता सुरक्षा और विधिक अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्रवाई के तहत, खाद्य सुरक्षा विभाग ने भिवाड़ी स्थित प्रमुख त्वरित-वाणिज्य मंच जेप्टो के वेयरहाउस पर छापा मारा। जिले के औद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्रों में संचालित बड़े पैमाने पर वितरण केंद्रों के भीतर भंडारण प्रथाओं और स्वच्छता मानकों को लेकर बढ़ती चिंताओं के बाद इस औचक निरीक्षण की शुरुआत की गई थी।
उत्तरी औद्योगिक बेल्ट में त्वरित-वितरण ई-कॉमर्स कंपनियों के संचालन में भारी विस्तार हुआ है, जिससे उपभोक्ताओं को तीव्र सुविधा तो मिल रही है, साथ ही कोल्ड-चेन रखरखाव, इन्वेंट्री प्रबंधन और खाद्य सुरक्षा प्रोटोकॉल से जुड़ी गंभीर विधिक चुनौतियां भी उत्पन्न हो रही हैं। विविध किराने की वस्तुओं को संभालने वाले गोदामों के लिए यह अनिवार्य है कि वे क्रॉस-संददूषण को रोकने और उपभोक्ताओं की धार्मिक तथा आहार संबंधी भावनाओं का सम्मान करने के लिए शाकाहारी और मांसाहारी वस्तुओं के बीच कड़ा अलगाव बनाए रखें।
भिवाड़ी वेयरहाउस के विस्तृत निरीक्षण के दौरान, प्रवर्तन अधिकारियों ने वैधानिक दिशा-निर्देशों के गंभीर उल्लंघनों का पर्दाफाश किया। सबसे उल्लेखनीय बात यह है कि शाकाहारी किराने का सामान सीधे चिकन और मछली जैसी मांसाहारी वस्तुओं के साथ रखा हुआ पाया गया था। इसके अलावा, भंडारण सुविधा के अंदर कुल मिलाकर स्वच्छता की स्थिति विनियामक निकायों द्वारा स्थापित व्यावसायिक खाद्य हैंडलिंग और भंडारण मानदंडों से काफी नीचे पाई गई।
दौरे के दौरान की गई प्रक्रियात्मक कार्रवाई के बारे में विस्तार से बताते हुए अधिकारियों ने कहा कि बुनियादी भंडारण नियमों की घोर उपेक्षा के कारण तत्काल हस्तक्षेप आवश्यक हो गया था। कच्चे मांस और मछली को डिब्बाबंद और खुली शाकाहारी सामग्रियों के साथ मिलाना वाणिज्यिक सुरक्षा मापदंडों का प्रत्यक्ष उल्लंघन है। अनुचित सह-स्थान उन असंदिग्ध उपभोक्ताओं के लिए गंभीर स्वास्थ्य खतरे पैदा करता है जो ऑनलाइन खरीदारी के दौरान सख्त वर्गीकरण पर भरोसा करते हैं।
इस प्रवर्तन कार्रवाई का व्यावसायिक प्रभाव कोटपूतली-बहरोड़ और अलवर सीमा क्षेत्रों के पास काम करने वाले त्वरित-वितरण पारिस्थितिकी तंत्र में उपभोक्ता विश्वास को प्रभावित करते हुए स्थानीय आर्थिक परिदृश्य तक फैला हुआ है। स्थानीय सामुदायिक समूहों और उपभोक्ता अधिकार हलकों ने बड़े रसद नेटवर्क के भीतर प्रणालीगत निरीक्षण पर गहरी चिंता व्यक्त की है, और क्षेत्र के सभी भंडारण और वितरण केंद्रों पर कड़ी सतर्कता तथा नियमित निरीक्षण की मांग की है।
वैधानिक आदेशों के अनुसार, प्रवर्तन टीम ने संदूषण के सटीक स्तर को निर्धारित करने के लिए व्यापक प्रयोगशाला विश्लेषण के लिए संकटग्रस्त इन्वेंट्री से कुल पांच नमूने औपचारिक रूप से एकत्र किए। इसके अलावा, किसी भी आकस्मिक वितरण या सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरे को रोकने के लिए, लगभग 150 किलोग्राम संप्रदूषित और अनुचित तरीके से संग्रहीत खाद्य सामग्री को कड़े पर्यवेक्षण के तहत मौके पर ही जब्त कर नष्ट कर दिया गया।
आगे बढ़ते हुए, खाद्य सुरक्षा विभाग ने इस बात पर जोर दिया है कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत सख्त कानूनी उपाय जारी रहेंगे। निर्णायक प्रयोगशाला रिपोर्टों के आधार पर जेप्टो वेयरहाउस के प्रबंधन को संभावित कानूनी दंड का सामना करना पड़ सकता है, जबकि प्रशासनिक अधिकारियों ने यह संकेत दिया है कि पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए अलवर और आसपास के जिलों के सभी व्यावसायिक गोदामों में इसी तरह के औचक निरीक्षण को और तेज किया जाएगा।