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Breaking News: मिट्टी रोड बाड़ी में घातक छुरा हमला: गार्ड की मौत, पर्यवेक्षक का डिस्टर्स कॉल और अनसुलझी साज़िश
🕒 2 hours ago

मुक्ता नगर के पास स्थित मिलर रोड के एक व्यावसायिक परिसर में एक अजीब और भयावह घटना ने मुंबई के नागरिकों को हिला कर रख दिया। एक अनजान व्यक्ति ने दो सुरक्षा गार्डों पर चाकू चलाया, जिससे एक गार्ड की जान गई और दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। इस कत्ल की घड़ी में, गार्ड का पर्यवेक्षक टेलीफ़ोन पर अपनी मौत की घोषणा करते हुए एक ठंडी और दर्द भरी आवाज़ में कहा, "मैं मर जाऊँगा", जिससे उस क्षण की भयावहता स्पष्ट हो गई। पीड़ित गार्ड, जो इस परिसर की सुरक्षा में प्रतिदिन रात-दिवाए ड्यूटी पर रहता था, ने बताया कि हमलावर ने उसके सामने आए साहसिक वार को झट से रोकते हुए कटी हुई आवाज़ में कहा, "मैं नहीं बोलूँगा, मैं नहीं बोलेगा"। इस दौरान हमलावर की मांग थी कि गार्ड अल्लाह का क़लमा सही ढंग से पढ़े; जब वह असहज महसूस कर रहा था, तो हमलावर ने उसकी गर्दन में चाकू घातकर उसे मौत के घाट उतार दिया। दूसरा गार्ड, जो इस घटना के तुरंत बाद मौके पर पहुँचा, उसे भी चाकू से घाव हो गया, पर वह अभी भी जीवनरेखा पर है। इस घटित घटना पर शहर की कई प्रमुख समाचार एजेंसियों ने अपना-अपना विश्लेषण दिया। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, इस हमले के पीछे संभावित रूप से धार्मिक उभयनिष्ठा और निजी कटुता का जाल हो सकता है। एन्डीटीवी ने घटना के बाद जारी किए गए वीडियो में दिखाया है कि गार्ड ने जान बचाने की कोशिश में अपने पर्यवेक्षक को मदद के लिए पुकारा, परन्तु हमला आगे बढ़ता रहा। इंडिया टुडे ने बताया कि इस हमलावर का नाम यूएस-रिटर्नेड मुम्बई वैरिएंट है, जिसे पहले कुछ हफ़्तों में कट्टर विचारधारा में जलाने की कोशिश की गई थी, परन्तु वह अकेले लड़के की तरह कार्य कर रहा था। हिंदुस्तान टाइम्स और देक्कन हार्बर ने इस रहस्य को और गहराई से समझाने की कोशिश की। फडनवीस ने कहा कि हमलावर ने पहले कई बार हिन्दु धर्म के प्रति घृणा जताई थी और वह एक धार्मिक कट्टरता वाले समूह से जुड़ा हो सकता है। पुलिस ने इस घटना को 'लोन वूल्फ' के रूप में दर्ज किया है और एटीएस ने जांच के लिए सभी संभावित साक्ष्य एकत्रित कर रहे हैं। इस जांच में फोरेंसिक रिपोर्टों और फोन रिकॉर्ड्स को भी प्रमुखता से इस्तेमाल किया जा रहा है। निष्कर्ष स्वरूप, मिट्टी रोड बाड़ी में घातक छुरा हमले ने दर्शाया है कि शहरी सुरक्षा व्यवस्था में अभी भी कई कमजोरियों को दूर करने की जरूरत है। इस तरह के हमलों को रोकने हेतु, सुरक्षा गार्डों को उचित प्रशिक्षण, धार्मिक विविधता के प्रति संवेदनशीलता और तुरंत एलबी रिपोर्टिंग प्रणाली को सुदृढ़ करना अनिवार्य है। साथ ही, पुलिस को चाहिए कि वह किसी भी प्रकार के कट्टर विचारों के खिलाफ सख्त कदम उठाए और सामाजिक ध्रुवीकरण को कम करने के लिए जनसाधारणा में जागरूकता लाए। केवल तभी हम ऐसे बुरे घटनाओं को भविष्य में रोक सकेंगे और एक सुरक्षित, शांतिपूर्ण मुंबई का निर्माण कर सकेंगे।

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✍️ By Pradeep Yadav | 28 Apr 2026