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Breaking News: ड्राईविंग डोला की भारत वापसी: अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क के खिलाफ बड़ा जंग
🕒 1 hour ago

सितंबर के मध्य में एक रहस्यमयी यात्रा ने अंतरराष्ट्रीय अपराध के बिखरते जाल को झकझोर दिया। दाओड इब्राहिम के भरोसेमंद सहयोगी सलीम डोला, जिन्हें कई देशों में ड्रग तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग के कुशल कांडों से जोड़कर देखा गया था, को तुर्की से भारत में विशेष सुरक्षा व्यवस्था के तहत हवाई अड्डे पर लैंड किया। भारत के प्रमुख अधिकारियों ने इस कदम को राष्ट्रीय सुरक्षा और नशा मुक्त भारत की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि बताया। इस डिपोर्टेशन में न केवल डोला की पहचान, बल्कि उसके पीछे चल रहे 5000 करोड़ रुपये के बड़े ड्रग नेटवर्क के बारे में भी नई जानकारियाँ मिलीं, जिसके कारण मध्य एशिया से लेकर यूरोप तक के कनेक्शन को ध्वस्त करने की कोशिश की जा रही है। डॉ. अमित शाह, भारत के गृह मंत्री, ने इस कार्रवाई को "एंटी-ड्रग ब्रेकथ्रू" कहा और बताया कि डोला को लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की निगरानी में रखा गया था। तुर्की के इन्स्पेक्टरेटेज़ की मदद से उनका हिरासत से भारत लाया गया, जहाँ उन्हें तुरंत क्वारंटीन और कई उच्च स्तरीय जांचों के अधीन कर दिया गया। इस यात्रा का एक हिस्सा विशेष विमान द्वारा तय किया गया, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा एजेंसियों को यह सुनिश्चित करने का अवसर मिला कि कोई भी असुरक्षित बिंदु नहीं रहेगा। डिपोर्टेशन के साथ ही डोला के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, बैंक अकाउंट और डोक्यमेंट्स को भी भारतीय जांच एजेंसियों ने जाम किया, जिससे उन्होंने इस रहस्यमयी नेटवर्क के कई प्रमुख सैकड़ों कड़ियों को उजागर किया। डोला की वापसी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे पहले, दाओड इब्राहिम के इस कुख्यात गिरोह का अंतरराष्ट्रीय ड्रग व्यापार में कितना हिस्सा है, और इस नेटवर्क को तोड़ने के लिए अब भारत को किन-किन चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा? दूसरे, डोला के संकलित साक्ष्यों से यह स्पष्ट हो रहा है कि इस नेटवर्क ने कई देशों में फेस्टिवल, क्लब और हाई-एंड होटल के माध्यम से अपनी सप्लाई चेन को चलाया। अंत में, यह घटना भारत और कई सहयोगी देशों के बीच हवाई सीमा सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय अपराध निरूपण के क्षेत्र में नए प्रोटोकॉल के निर्माण की दिशा में एक संकेतक बन गई है। निष्कर्षतः, सलीम डोला का भारत आगमन न केवल एक अपराधी को न्यायालय में लाने की प्रक्रिया का भाग है, बल्कि यह दिखाता है कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सख्त सुरक्षा उपायों से बड़े ड्रग नेटवर्क को बाधित किया जा सकता है। यह घटना भारत को भविष्य में इस प्रकार के अपराधी कारवां को रोकने के लिए एक मजबूत ढांचा प्रस्तावित करती है, जिससे न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा बल्कि आम जनसंख्या को भी नशीली दवाओं के प्रभाव से बचाया जा सके।

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✍️ By Pradeep Yadav | 28 Apr 2026