📰 Kotputli News
Breaking News: दिल्ली की शराब नीति पर अटकलबाज़ी: केजरीवाल के बाद मानिश सिसोदिया ने भी सुनवाई का बहिष्कार किया
🕒 1 hour ago

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके वरिष्ठ सहयोगी मानिश सिसोदिया ने हाल ही में दिल्ली उच्च न्यायालय में चल रही शराब नीति के केस में न्यायाधीश स्वरणा कांति शर्मा के समक्ष सुनवाई का बहिष्कार किया, जिससे राजनीतिक और कानूनी माहौल में नई दहलीज बन गई है। यह कदम उनकी पार्टी के भीतर चल रही नीति विवाद को और जटिल बना रहा है। केस का मूल मुद्दा दिल्ली सरकार द्वारा लागू की गई शराब नीति के विभिन्न प्रावधानों की संवैधानिकता और अनुचितता है, जिसमें शराब की लाइसेंसिंग, टैक्स दर और वितरण प्रणाली को लेकर कई सवाल उठाए गए हैं। केजरीवल ने पहले ही इस नीति की वैधता पर सवाल उठाते हुए अदालत में अपना प्रतिवाद दिया था, परन्तु न्यायालय ने कई बार दोनों पक्षों को सुनवाई के लिए उपस्थित होने का आदेश दिया। इसके बाद सिसोदिया ने भी समान कारणों से सुनवाई में भाग नहीं लिया, कहते हुए कि यह प्रक्रिया राजनीति को प्रभावित कर रही है और न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप कर रही है। सिसोदिया के बहिष्कार के पीछे कई कारणों का संयोजन है। एक ओर, वे यह तर्क देते हैं कि दिल्ली सरकार को न्यायालय की उपस्थिति को मजबूर नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह नीति सामाजिक लोकतंत्र और जनहित को ध्यान में रखकर तैयार की गई थी। दूसरी ओर, उनके पक्षकारों का कहना है कि इस कदम से सरकार की न्यायालय के प्रति इज़हार वेरिएबल हो रहा है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया में भरोसा कम हो रहा है। कई कानूनी विशेषज्ञों ने इस मामले को लेकर अपनी-अपनी राय व्यक्त की है। कुछ का मानना है कि केजरीवाल और सिसोदिया दोनों ने अपने-अपने राजनीतिक हितों को लेकर इस तरह का कदम अपनाया है, जबकि अन्य का यह कहना है कि अदालत को अपने निर्णयों के प्रति सम्मान दिया जाना चाहिए और सभी पक्षों को उचित प्रक्रिया का पालन करना चाहिए। वर्तमान में हाई कोर्ट ने दोनों पार्टियों को 30 दिनों के भीतर लिखित अभिप्राय प्रस्तुत करने का आदेश दिया है, जिससे मामला आगे बढ़ेगा। इस बीच, दिल्ली की शराब नीति पर सार्वजनिक विरोध भी जारी है, जहाँ कई नागरिक और व्यापारियों ने इस नीति को आर्थिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर हानिकारक बताया है। विधायी प्रक्रिया के साथ-साथ न्यायिक पहलू पर भी बहस तेज़ हो रही है, और इस मामले का अंतिम निर्णय दिल्ली के शराब बाज़ार के भविष्य को नया रूप दे सकता है। अंत में, यह स्पष्ट है कि चाहे राजनीति हो या न्याय, दोनों को मिलकर इस विवाद को सुलझाने के लिए संवाद और पारदर्शिता की आवश्यकता है, ताकि जनता का विश्वास पुनः स्थापित किया जा सके।

Stay connected with Kotputli News for latest updates.


📲 Share on WhatsApp
✍️ By Pradeep Yadav | 28 Apr 2026