फ्रांस के दक्षिण-पश्चिमी इलाकों में लगी भीषण जंगल की आग ने विकराल रूप धारण कर लिया है, जिसके चलते प्रशासन को 55 हजार अतिरिक्त लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा है। पिछले कुछ दिनों से जल रही इस आग ने अब 'फायर व्हर्लविंड्स' यानी आग के बवंडर का रूप ले लिया है, जो तेज हवाओं के साथ मिलकर विनाशकारी गति से फैल रहे हैं। बोर्डो और लैंड्स क्षेत्र के जंगलों में लगी इस आग ने अब तक हजारों हेक्टेयर वन भूमि को अपनी चपेट में ले लिया है। अधिकारियों के अनुसार, गर्मी की लहर और सूखे मौसम ने आग को बुझाने के प्रयासों को अत्यधिक कठिन बना दिया है। तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है और हवा की रफ्तार भी तेज है, जिससे आग अनियंत्रित गति से फैल रही है। फ्रांस के गृह मंत्री जेराल्ड डार्मनिन ने बताया कि देशभर से 10 हजार से अधिक दमकलकर्मियों को तैनात किया गया है, साथ ही यूरोपीय संघ के नागरिक सुरक्षा तंत्र के तहत पड़ोसी देशों से भी विमान और सहायता मांगी गई है। आग का सबसे भयावह पहलू 'पायरोक्यूमुलोनिम्बस' बादलों का निर्माण है, जो आग की गर्मी से बनते हैं और अपने साथ बिजली, तेज हवाएं और यहां तक कि आग के बवंडर भी लाते हैं। इनके कारण आग की दिशा अचानक बदल जाती है और दमकलकर्मियों के लिए खतरा बढ़ जाता है। बोर्डो के प्रसिद्ध वाइन क्षेत्र के निकटवर्ती इलाकों में भी आग पहुंचने का खतरा मंडरा रहा है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान की आशंका है। स्पेन और पुर्तगाल में भी इसी तरह की भीषण आग लगी हुई है, जिससे इबेरियन प्रायद्वीप संकट में है। यूरोपीय आयोग के अनुसार, इस वर्ष अब तक यूरोप में 6 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि जल चुकी है, जो पिछले दशकों का रिकॉर्ड है। जलवायु वैज्ञानिकों का मानना है कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण ऐसी चरम मौसम की घटनाएं आने वाले वर्षों में और अधिक बार देखने को मिलेंगी। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और पीड़ितों को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। सरकार ने आपातकालीन कोष जारी किया है और विस्थापितों के लिए अस्थायी आवास, भोजन और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। हालांकि, मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है, जिससे आग बुझाने के प्रयास और जटिल हो जाएंगे।