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Breaking News: सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके टाइफाइड से पीड़ित, माता-पिता ने जताई राहत और घर वापसी की उम्मीद
🕒 2 hours ago

देश के चर्चित युवा नेतृत्व और कैंपस जस्टिस पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके को टाइफाइड होने की पुष्टि हुई है, जिससे उनके समर्थकों और शुभचिंतकों में चिंता की लहर दौड़ गई। यह खबर ऐसे समय आई है जब हाल ही में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अभिजीत ने सोशल मीडिया पर "थोड़ी देर झपकी लेने जा रहा हूँ" जैसी पोस्ट डालकर राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी थी। उनके इस व्यंग्यात्मक अंदाज को छात्र आंदोलन की बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि उनके नेतृत्व में चल रहे जेन-जेड आंदोलन ने सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया। अभिजीत के माता-पिता ने मीडिया से बातचीत में सप्ताह भर से चल रही बेचैनी के बाद राहत की सांस ली है। उन्होंने कहा कि बेटे की बीमारी की खबर मिलने पर वे चिंतित थे, लेकिन अब इलाज शुरू होने से उन्हें तसल्ली है। माता-पिता ने भावुक अपील करते हुए कहा कि वे बस अपने बेटे को सकुशल घर वापस देखना चाहते हैं। उन्होंने प्रशासन और शुभचिंतकों से अभिजीत के बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करने का अनुरोध किया है। अभिजीत दीपके उस समय सुर्खियों में आए जब सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश सूर्यकांत द्वारा छात्र प्रदर्शनकारियों को "कॉकरोच" कहे जाने पर उन्होंने तीखा प्रतिवाद किया था। उनका "कॉकरोच को धन्यवाद" वाला बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और देखते ही देखते यह भारत के पहले जेन-जेड जनांदोलन का प्रतीक बन गया। इस आंदोलन ने शिक्षा नीति, छात्र अधिकारों और रोजगार जैसे मुद्दों को इतनी मजबूती से उठाया कि सरकार को न केवल मंत्री का इस्तीफा स्वीकार करना पड़ा, बल्कि छात्रों की कई मांगों पर सहमति भी जतानी पड़ी। टेलीग्राफ इंडिया की एक रिपोर्ट में अभिजीत को "कॉकरोच पावर" का चेहरा बताया गया है, जिसने सत्ता के गलियारों में हलचल मचा दी। उनकी रणनीति, सोशल मीडिया पर पकड़ और युवाओं को जोड़ने की क्षमता ने इस आंदोलन को पारंपरिक छात्र राजनीति से अलग एक नई दिशा दी। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के तुरंत बाद उनकी चुटीली पोस्ट ने यह साबित कर दिया कि यह युवा नेतृत्व न केवल विरोध करना जानता है, बल्कि जीत का जश्न मनाने का भी अनोखा अंदाज रखता है। फिलहाल अभिजीत चिकित्सकीय देखरेख में हैं और उनके स्वास्थ्य में सुधार की खबरें आ रही हैं। उनके संगठन सीजेपी ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन की गति थमेगी नहीं, भले ही उनका नेतृत्व कुछ समय के लिए आराम कर रहा हो। देशभर के विश्वविद्यालयों में उनके समर्थक उनके शीघ्र स्वस्थ होने के लिए हवन, प्रार्थना और रक्तदान शिविर आयोजित कर रहे हैं। यह घटनाक्रम दर्शाता है कि कैसे एक युवा आवाज ने व्यवस्था को चुनौती दी और अब उसके स्वास्थ्य को लेकर पूरा देश एकजुट खड़ा है।

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✍️ By Pradeep Yadav | 25 Jul 2026