📰 Kotputli News
Breaking News: ईरान ने अमेरिकी हमले के बाद खाड़ी देशों पर मिसाइल‑ड्रोन हमले शुरू किए, हर्मुज जलडर्रा बंद
🕒 1 hour ago

अमेरिकी बलों द्वारा ईरान के कुछ सैन्य परिसरों पर किए गए आपाराधिक स्ट्राइक के बाद, ईरान ने तुरंत प्रत्युत्तर स्वरूप खाड़ी देशों को लक्षित करते हुए बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू कर दिए। यह तीव्र जवाबी कार्रवाई एरबिया, ओमान, कतर और बहरीन जैसे प्रमुख खाड़ी राष्ट्रों को लक्षित करती है, जिनके समुद्री क्षेत्र में हर्मुज जलडर्रा रणनीतिक महत्व रखता है। इस संघर्ष की चरम सीमा तब पहुंच गई जब ईरानी सैन्य कमांड ने आधिकारिक घोषणा की कि हर्मुज जलडर्रा को पूर्ण रूप से बंद कर दिया गया है, जिससे वैश्विक तेल परिवहन मार्ग में गंभीर अटकलबाजी और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर बड़ा असर पड़ेगा। हर्मुज जलडर्रा के बंद होने की घोषणा के साथ ही ईरानी रॉकेत और ड्रोन ने खाड़ी की कई प्रमुख तटवर्ती बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया। बहरीन के मुख्य ऊर्जा संयंत्र, कतर के एक प्रमुख बंदरगाह और ओमान के नौसैनिक अड्डे पर कई बार विस्फोटों की रिपोर्ट सामने आई। इन हमलों में प्रयुक्त मिसाइलें उन्नत सटीकता वाली और लंबे दूरी तक पहुँचने वाली बताई जा रही हैं, जबकि ड्रोन ने पूरे अकाशी आकाश को भर दिया, जिससे कई बार नागरिक विमानन भी बाधित हुआ। इस बीच, ईरान ने बताया कि इन हमलों का उद्देश्य अमेरिकी बिचौलियों को रोकना और अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा करना है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस घटनाक्रम पर गहरा आश्चर्य और चिंता व्यक्त की है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कई देशों ने आपातकालीन चर्चा का अनुरोध किया, जबकि संयुक्त राष्ट्र समुद्री संगठन ने हर्मुज जलडर्रा के खुलने की अपील की। यूरोपीय संघ ने कहा कि यदि जलडर्रा बंद नहीं किया गया तो तेल की कीमतों में तेज़ी और वैश्विक आर्थिक अस्थिरता बढ़ेगी। इसी बीच, संयुक्त राज्य अमेरिका ने अपनी निरंतर सैन्य उपस्थिति बनाए रखते हुए ईरान को कूटनीतिक समाधान की ओर आकर्षित करने की चेतावनी दोहराई। वर्तमान में इस तनावपूर्ण स्थिति को घटाने के लिए कई कूटनीतिक प्रयास चल रहे हैं। चीन, रूस और भारत जैसे प्रमुख शक्ति केन्द्रों ने मध्यस्थता की भूमिका निभाने का प्रस्ताव रखा है, जबकि ईरान के भीतर कई राजनयिक और सैन्य अधिकारियों ने बताया कि अगर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ता रहा तो वे अपने दावे को और दृढ़ता से रखेंगे। इस बीच, खाड़ी के आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ता दिख रहा है, क्योंकि तेल की कीमतों में लगातार उछाल और समुद्री परिवहन में अड़चनें उनके दैनिक जीवन को प्रभावित कर रही हैं। निष्कर्षतः, अमेरिकी हमलों के प्रत्युत्तर में ईरान द्वारा शुरू किए गए बड़े पैमाने के मिसाइल‑ड्रोन हमले और हर्मुज जलडर्रा की बंदी ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती पेश की है। इस संकट को सुलझाने के लिए वैश्विक शक्ति केंद्रों को त्वरित और प्रभावी कूटनीतिक कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि एक ओर ऊर्जा आपूर्ति में व्यवधान न हो और दूसरी ओर इस क्षेत्र में निरंतर संघर्ष को रोका जा सके।

Stay connected with Kotputli News for latest updates.


📲 Share on WhatsApp
✍️ By Pradeep Yadav | 13 Jul 2026