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Breaking News: एआईआईएमएस की रिपोर्ट में उजागर: जिम बेल्ट से हुई ट्वीशा शर्मा की घातक चोट
🕒 1 hour ago

ट्वीशा शर्मा के अचानक निधन ने पूरे देश को शॉक में डाल दिया था। इस रहस्यमयी घटना की जड़ का पता लगाने के लिए ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ (एआईआईएमएस) ने विस्तृत फोरेंसिक जांच की और अपने अंतिम रिपोर्ट को सीबीआई को सौंपा। रिपोर्ट में स्पष्ट तौर पर बताया गया कि ट्वीशा की चोटों का आकार और पैटर्न जिम में उपयोग होने वाले बेल्ट से मेल खाता है। यह बेल्ट, जो आमतौर पर व्यायाम के दौरान समर्थन के लिये पहना जाता है, उसमें ट्वीशा के शरीर पर पाए गए त्वचा और मांसपेशी टुकड़े सटीक रूप से मिलते हैं। जांचकर्ताओं ने माइक्रोस्कोपिक परीक्षण, डीएनए विश्लेषण और बायोकेमिकल मैचिंग के माध्यम से इस निष्कर्ष तक पहुंचा, जिससे यह सिद्ध हो गया कि चोटें इस बेल्ट से ही उत्पन्न हुई थीं। एआईआईएमएस की टीम ने बताया कि ट्वीशा को जिम में भारी वजन उठाते समय बेल्ट ने अत्यधिक दबाव डाला, जिससे उसकी घुटनों, जांघों और पेट के आसपास की त्वचा तथा गहरी ऊतक क्षतिग्रस्त हुए। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि बेल्ट के भीतर मौजूद रबर और नायलॉन सामग्री ने चोट के निशानों को गहरा किया, जिसके कारण ट्वीशा को तुरंत उचित चिकित्सा सहायता नहीं मिल पाई। इस बात का कोई संदेह नहीं रखा गया कि चोटें आकस्मिक नहीं थीं, बल्कि यह एक बेतुका दुर्घटना थी, जिसकी जड़ जिम के उपकरणों की असुरक्षा में निहित है। विज्ञापनों के अनुसार, कई जिम संस्थानों में सुरक्षा मानकों का उल्लंघन किया जा रहा है, जिससे इस प्रकार की त्रासदी दोहराने की संभावना बनी रहती है। एआईआईएमएस ने फोरेंसिक रिपोर्ट में स्पष्ट चेतावनी दी है कि सभी जिमें नियमित रूप से अपने उपकरणों की जांच और रखरखाव कराएं, विशेषकर बेल्ट और सपोर्ट बैंड जैसी वस्तुओं की सामग्री और मजबूती की। इसके अलावा, प्रशिक्षकों को भी यह निर्देश दिया गया है कि वे सदस्यों को सही फॉर्म और भार सीमा के बारे में सही जानकारी दें, जिससे अत्यधिक दबाव या गलत उपयोग से चोट लगने की संभावना कम हो। ट्वीशा के परिवार ने इस रिपोर्ट को देख कर राहत जताई, पर साथ ही उन्होंने जिम सुरक्षा नियमों की सख्त निगरानी की मांग की है। सीबीआई ने इस मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है और एआईआईएमएस की रिपोर्ट को प्रमाण के रूप में स्वीकार किया है। आगे अदालत में इस रिपोर्ट का उपयोग आरोपियों के विरुद्ध साक्ष्य के तौर पर किया जाएगा, जिससे भविष्य में इस तरह की दुराचार को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। निष्कर्षतः, एआईआईएमएस की विस्तृत फोरेंसिक जांच ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ट्वीशा शर्मा की मृत्यु जिम बेल्ट द्वारा उत्पन्न घातक चोटों का परिणाम थी। यह घटना हमें सुरक्षा मानकों की अनदेखी के गंभीर परिणामों की याद दिलाती है और सभी फिटनेस केंद्रों को अपने उपकरणों का नियमित निरीक्षण, प्रशिक्षण कर्मचारियों की पेशेवर योग्यता और उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की पुकार करती है।

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✍️ By Pradeep Yadav | 12 Jul 2026