📰 Kotputli News
Breaking News: न्यूज़ीलैंड प्रधानमंत्री ने कहा: ख़लिस्तान मुद्दा भारत के लिए कष्टदायक, कोई भी हिंसा नहीं बर्दाश्त की जाएगी
🕒 1 hour ago

नई ज़ीलैंड के प्रधान मंत्री जिन्होंने हाल ही में ख़लिस्तान मुद्दे पर अपने विचार व्यक्त किए, उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह विवाद भारत में गहरा दर्द और कष्ट उत्पन्न करता है। उनका मानना है कि यह मुद्दा केवल एक राजनीतिक समस्या नहीं, बल्कि सामाजिक और मानवीय स्तर पर भी बड़े नुकसान का कारण बनता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी तरह की हिंसा, डर पैदा करने या उभय पक्षीय तनाव को बढ़ावा देने वाले कार्यों को देश में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस परिप्रेक्ष्य में भारत के साथ संबंधों में कोई बदलाव नहीं आएगा, परन्तु असहनीय व्यवहार को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने बताया कि ख़लिस्तान की मांग करने वाले कुछ समूहों ने कई वर्षों से भारत में डर और दहशत की स्थिति पैदा की है। इससे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, सामाजिक शांति और आर्थिक विकास को गंभीर चोट पहुंची है। इस संदर्भ में उन्होंने यह ज़ोर दिया कि न्यूज़ीलैंड की नीति हमेशा अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवाधिकारों के अनुरूप रही है, और अब भी वह इस सिद्धांत को दृढ़ता से लागू करने के लिए तैयार है। उन्होंने सभी देशों से अपील की कि वे भी इस प्रकार के उग्रवाद को रोकने में सहयोग करें, ताकि विश्व में शांति और स्थिरता बनी रहे। अन्य अंतरराष्ट्रीय अधिकारियों ने भी इस बात पर सहमति जताते हुए कहा कि ख़लिस्तान मुद्दा केवल दो देशों की द्विपक्षीय समस्या नहीं है, बल्कि यह एक वैश्विक चुनौती है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के दंगावेलापन, धमकी या हिंसा को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए, चाहे वह आंदोलन के माध्यम से हो या डिजिटल मंचों पर। इस संबंध में विशेष कदम उठाने की जरूरत है, जैसे कि आपराधिक गतिविधियों की सख्त निगरानी, गिरिज़ा वाणिज्यिक सहयोग को बढ़ावा देना और सीमा पर सुरक्षा को कड़ा करना। निष्कर्ष स्वरूप, न्यूज़ीलैंड प्रधानमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि ख़लिस्तान मुद्दा भारत की सामाजिक ताना-बाना को कमजोर कर रहा है और इससे उभरी हिंसा को कोई भी ढाल नहीं देगा। उन्होंने दो देशों के बीच मित्रता और सहयोग के मूलभूत सिद्धांत को बनाए रखने की बात दोहराई, परन्तु यह भी कहा कि सुरक्षा और शांति को जोखिम में डालने वाले किसी भी कार्य को कड़ा प्रतिक्रिया मिलेगी। इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस संवेदनशील मुद्दे पर नई दिशा निर्धारित की है और आशा की जाती है कि इससे दोनों देशों के बीच एवं विश्व के अन्य देशों के बीच संवाद और सहयोग को प्रोत्साहन मिलेगा।

Stay connected with Kotputli News for latest updates.


📲 Share on WhatsApp
✍️ By Pradeep Yadav | 07 Jul 2026