जाने वाले बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी त्रि-राष्ट्र यात्रा की शुरुआत की, जिसमें वे इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड का दौरा करेंगे। यह यात्रा भारत के 'एक्ट ईस्ट' नीति को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित की गई है, जिससे दक्षिण‑पूर्व एशिया के साथ आर्थिक, सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को नई ऊँचाई पर ले जाया जा सके। विदेश मंत्रालय ने बताया कि इस दौरे में दोनो देशों के प्रधान और राजनेताओं के साथ कई स्तर के संवाद और समझौते हस्ताक्षर किए जाएंगे, जो भारत की विदेश नीति के प्रमुख स्तंभों को समर्थन देंगे। इंडोनेशिया में पहुँचते ही प्रधानमंत्री मोदी को इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जॉकोวิทो सुभियान्तो ने उच्च स्तर की सुरक्षा के साथ गरिमा से स्वागत किया। इंद्रधनुषी परिधान में तैयार फाइटर जेट्स ने भारतीय विमान को अभूतपूर्व स्वागत किया, जिससे दोनों देशों के रक्षा सहयोग की गहराई का संकेत मिला। वार्ता के दौरान भारत-इंडोनेशिया द्विपक्षीय व्यापार को $150 बिलियन तक बढ़ाने, ऊर्जा सहयोग, डिजिटल कनेक्टिविटी और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में नई पहलों पर चर्चा हुई। विशेष रूप से समुद्री सुरक्षा और इन्डो‑पैसिफिक में सामुद्रिक मार्गों को सुरक्षित बनाने के लिए संयुक्त अभ्यासों की योजना बनाई गई। ऑस्ट्रेलिया में प्रधानमंत्री के आगमन पर वह ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी एल्बैन्स के साथ आर्थिक साझेदारी को गहरा करने पर विचार करेंगे। दोनों पक्ष कृषि, स्वास्थ्य, प्रौद्योगिकी और नवाचार क्षेत्रों में निवेश को बढ़ाने के लिए नए समझौते पर चर्चा करेंगे। साथ ही, क्वालिटी-ऑफ़-जीवन (QoG) पर केंद्रित सहयोग के तहत स्वास्थ्य देखभाल एवं शिक्षा के क्षेत्र में छात्रों के आदान-प्रदान को सहज बनाने की रणनीति बनायी जाएगी। रक्षा साझेदारी के हिस्से के तौर पर, भारत और ऑस्ट्रेलिया भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई संयुक्त नौसैनिक अभ्यासों को नियमित करने, समुद्री डाकू एवं समुद्री अवैध गतिविधियों के खिलाफ सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए तत्पर हैं। न्यूज़ीलैंड में यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और न्यूज़ीलैंड के प्रधान मित्त्स राजनैतिक व आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाने के नए मंच स्थापित करेंगे। दोनों देशों ने जलवायु परिवर्तन, विज्ञान एवं तकनीकी नवाचार और स्टार्ट‑अप इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने के लिए कई समझौते किए हैं। विशेष रूप से कार्बन न्यूट्रल लक्ष्य प्राप्त करने हेतु स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही, भारत-न्यूज़ीलैंड सांस्कृतिक आदान‑प्रदान को भी प्रॉमोट करने के लिये विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की योजना बनाई गई है। समग्र रूप से यह त्रि-राष्ट्र यात्रा भारत के 'एक्ट ईस्ट' नीति के तहत रणनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा कदमों का एक बड़ा रूपरेखा प्रस्तुत करती है। विश्व के बदलते भू‑राजनीतिक परिदृश्य में, भारत को चीन की आक्रामक नीतियों और अमेरिका की घटती भागीदारी के साथ संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है। इस परिप्रेक्ष्य में भारत, इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया-न्यूज़ीलैंड के बीच सहयोग एक नई इंडो‑पैसिफिक सुरक्षा व्यवस्था की नींव रख सकता है, जिससे क्षेत्र में शांति और स्थिरता को मजबूती मिलेगी। यह यात्रा न केवल द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करेगी, बल्कि व्यापक क्षेत्रीय सहयोग को भी नई दिशा प्रदान करेगी।