📰 Kotputli News
Breaking News: करजत‑लोणावला में लैंडस्लाइड से मुम्बई‑पूना ट्रेन रद्द, यात्रियों को भारी असुविधा
🕒 2 hours ago

बाढ़ की तेज़ धारा और लगातार बारिश ने पश्चिमी घाट के करजत‑लोणावला सेक्शन में घातक लैंडस्लाइड को जन्म दिया, जिससे मुम्बई‑पूना की कई प्रमुख रेल सेवाओं को तत्काल निलंबित करना पड़ा। भारतीय रेलवे ने तुरंत प्रवासी यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी ट्रेनों को रोक दिया और निकटवर्ती स्टेशनों पर राहत कर्मियों को तैनात कर सुरक्षित मार्ग की व्यवस्था की। इस अचानक हुई रुकावट से लाखों यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में कठिनाई का सामना करना पड़ा, जबकि स्थानीय व्यापारी और लॉजिस्टिक्स ऑपरेटरों को भी बड़े आर्थिक नुकसान की संभावना है। किसी भी वैकल्पिक मार्ग की कमी के कारण कई लोग बस और निजी वाहन से मार्ग बदलने के लिए मजबूर हुए। झोपड़पट्टी के आसपास की सड़कों पर भी भारी भीड़ जमा हो गई, जहां ट्रैफ़िक जाम ने ये परिस्थितियां और बिगाड़ दीं। स्थानीय प्रशासन ने लैंडस्लाइड के कारण बाधित सड़कों को साफ़ करने और आपातकालीन राहत सामग्री पहुंचाने के लिए एक्सेस रोड खोलने का प्रयास किया, परंतु लगातार बारिश ने काम को मुश्किल बना दिया। इस दौरान अनेक निवासियों ने अपने घरों को पानी के नीचे डूबते देखा, और कई घरों में तबाही का दृश्य सामने आया, जिससे मानव एवं सम्पत्ति दोनों को बड़ा झटका लगा। रेलवे ने बताया कि लैंडस्लाइड के कारण ट्रैक के कई हिस्से पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं, और मरम्मत कार्य में कई दिनों से अधिक समय लग सकता है। इंजीनियरों ने त्वरित जांच के बाद कहा कि बाढ़ के साथ-साथ घाटी की अत्यधिक भूरी मिट्टी ने अभी के लिए ट्रैक को असुरक्षित बना दिया है। इस कारण भविष्य में इसी प्रकार की आपदाओं को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपायों और पूर्वानुमान पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। विशेषज्ञों ने कहा कि मौसमी जलवायु परिवर्तन के कारण इस तरह की घटनाएं बार-बार हो रही हैं, और इनसे निपटने के लिए संरचनात्मक सुधारों के साथ साथ जल निकासी प्रणाली को भी मजबूत करना आवश्यक है। अंत में, रेलवे ने सभी प्रभावित यात्रियों को निकटतम स्टेशनों पर रिफंड और वैकल्पिक यात्रा की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया। साथ ही, स्थानीय अधिकारियों ने राहतनिवारक टीमों को तैनात करके बाढ़-प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य तेज़ करने का वादा किया। इस अप्रत्याशित प्राकृतिक आपदा ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि मौसमी परिवर्तन और जलवायु संकट से निपटने में बुनियादी ढांचों को मजबूत करना कितना महत्वपूर्ण है, ताकि भविष्य में यात्रियों की सुरक्षा और समयबद्ध यात्रा सुनिश्चित की जा सके।

Stay connected with Kotputli News for latest updates.


📲 Share on WhatsApp
✍️ By Pradeep Yadav | 06 Jul 2026