नई शादी के केवल दो महीने बाद, दिल्ली के एक उच्च वर्गीय अपार्टमेंट में नई दुल्हन की आकस्मिक गिरावट ने पूरे शहर में सनसनी खड़ी कर दी। यह दुखद घटना 31 तारीख को घटित हुई, जब 28 वर्षीय कुमारी को तीसरी मंजिल की खिड़की से नीचे गिरते हुए पाया गया। प्रारम्भ में यह एक दुर्घटना माना गया, परन्तु मृतकों के परिवार ने तुरंत ही त्वरित जांच की मांग कर दाहिंस अनुचित व्यवहार, दहेज उत्पीड़न और यहाँ तक कि हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की अपील की। परिवार का कहना है कि नव दाम्पति को शादी के बाद लगातार दहेज से संबंधित दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा। दूल्हा और उसके परिवार के सदस्यों ने महिलाओं पर आर्थिक दबाव डालते हुए अनगिनत मनहूस बातें कहें, जिससे उनकी मनस्थिति अत्यंत तनावग्रस्त हो गई। इस दबाव के कारण शादि के बाद भी महिला ने अपना खुद का घर नहीं बना पाई और अपने सास-ससुर के घर में रहने को मजबूर हुई। इस दौरान कई बार दहेज की मांगें बढ़ती रहीं और जब वह इन सभी मांगों को पूरा नहीं कर पाई, तो उसके विरुद्ध शारीरिक तथा मौखिक उत्पीड़न का दौर तेज़ हो गया। यही कारण है कि उसके परिवार ने यह आरोप लगाया है कि यह गिरावट केवल एक दुखद दुर्घटना नहीं, बल्कि इरादतन हत्या का एक कुसंगत साधन हो सकता है। स्थानीय पुलिस ने मामले की तह तक जाने के लिए फोरेंसिक जांच शुरू कर दी है। गिरावट के स्थल की सुरक्षा कैमरों की फुटेज, गिरावट के समयघर में उपस्थित लोगों के बयान और शरीर पर मिले कट-छेदों की जांच को लेकर कई प्रश्न उठाए जा रहे हैं। प्रारम्भिक रिपोर्ट में पता चला है कि गिरने वाले स्थान के पास कोई खिड़की खोलने या बंद करने की आवाज नहीं सुनाई दी, जिससे यह संदेह उत्पन्न हुआ है कि गिरावट के समय कोई बाहरी हस्तक्षेप हुआ हो सकता है। साथ ही, शव पर पाए गए चोटों की रिपोर्ट भी यह संकेत देती है कि गिरावट के पहले किसी प्रकार का बल प्रयोग किया गया हो सकता है। इस घटना ने देश भर में दहेज प्रथा और महिलाओं के खिलाफ हो रहे हिंसा के मुद्दे को फिर से उजागर कर दिया है। सामाजिक संगठनों ने इस अवसर पर कहा है कि दहेज के कारण उत्पन्न विषमता और घरेलू हिंसा को रोकने के लिए सख्त कानूनों का लागू होना चाहिए और पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने के लिये विशेष ट्रैकों की आवश्यकता है। इस बीच, दहेज उत्पीड़न के मामलों में अक्सर परिवारों को आर्थिक नुकसान के डर से आवाज़ उठाने में हिचकिचाहट होती है, परन्तु इस दुखद घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सही समय पर आवाज़ उठाना ही सुरक्षा का पहला कदम हो सकता है। आखिरकार, इस मामले की जांच के परिणामों का इंतजार किया जा रहा है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि यह वास्तव में एक दुर्घटना थी या फिर दहेज उत्पीड़न के कारण नियोजित हत्या का षड्यंत्र। यदि जांच में यह सिद्ध हो जाता है कि यह एक नियोजित हत्या है, तो यह न केवल दहेज प्रथा को ध्वस्त करने के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा, बल्कि समाज के सभी वर्गों में महिलाओं के प्रति सुरक्षा और सम्मान की नई दिशा भी स्थापित करेगा।