📰 Kotputli News
Breaking News: भारत‑जापान शिखर सम्मेलन 2026: उत्तर‑पूर्व में उद्योग विकास के लिये दोनो देशों की नई पहल
🕒 2 hours ago

भारत‑जापान शिखर सम्मेलन 2026 के परदाफ़ाश होते ही दोनों देशों के स्त्रीसंतुलित सहयोग की नई बुनियाद रखी गई। भारत के राष्ट्रपति और प्रधान सचिव पियुष गोयल ने कहा कि भारत के उत्तरी‑पूर्वी हिस्से में उद्योग के विकास को तेज करने के लिये जापान के साथ मिलकर एक विस्तृत योजना बनाई गई है। इस पहल के अंतर्गत दोनो देशों के सरकारी एजेंसियों, निजी कंपनियों और अनुसंधान संस्थानों को एक साथ लाकर, बुनियादी ढाँचे, ऊर्जा, परिवहन और डिजिटल तकनीक में निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा। सम्मेलन में प्रमुख स्पष्ट बिंदु ये थे कि जापान की उच्च तकनीकी विशेषज्ञता और भारत के व्यापारिक माहौल को एक साथ जोड़ कर, उत्तरी‑पूर्वी भारत में औद्योगिक क्षेत्रों को विकसित किया जाएगा। इसके लिये नई इंडस्ट्री पार्क, स्मार्ट फॉर्म्स और इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण सुविधाओं का निर्माण होगा। साथ ही, जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिये स्वच्छ ऊर्जा स्रोत, विशेषकर हाइड्रोजन और सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाने के लिये द्विपक्षीय सहयोग को सुदृढ़ किया गया है। पियुष गोयल ने बताया कि इस सहयोग से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि इस क्षेत्र की आर्थिक वृद्धि दर भी बढ़ेगी। जापान के प्रधानमंत्री ने भारत के उभरते उद्योगों को अंतर्राष्ट्रीय मानकों तक ले जाने के लिये तकनीकी हस्तांतरण और वाणिज्यिक सहयोग के कई मॉडल प्रस्तुत किए। दोनो देशों ने विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) की स्थापना की बात की, जहाँ विशेष कर रियायतें, आसान नियम और तेज़ लाइसेंसिंग प्रक्रिया लागू की जाएगी। इससे विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने की दिशा में एक मजबूत कदम रखी गई है। इसके अतिरिक्त, सत्र में व्यापार प्रतिनिधियों ने औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखलाओं को स्थानीयकृत करने, कच्चे माल की आयात‑निर्यात को सुगम बनाने और शिपिंग लागत घटाने के लिये नई पहल पर चर्चा की। शिखर सम्मेलन के समापन पर दोनों देशों ने ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भी गहरी समझ विकसित करने की बात की। पश्चिम एशिया के तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए, भारत और जापान ने ईंधन आपूर्ति के लिये एक आपसी सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिससे भविष्य में ऊर्जा की स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। इस समझौते के तहत दोनो देशों के बीच गैस, तेल और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्रों में तकनीकी सहयोग, संयुक्त अनुसंधान एवं विकास (R&D) तथा आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी। संक्षेप में, भारत‑जापान शिखर सम्मेलन 2026 ने उत्तर‑पूर्वी भारत में उद्योग के पुनरुत्थान को एक प्रमुख एजेंडा बना दिया है। जापान की तकनीकी शक्ति और भारत की बाजार क्षमता को जोड़कर, दोनों देशों ने आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में एक ठोस रोडमैप तैयार किया है। यह कदम न केवल द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करेगा, बल्कि एशिया‑प्रशांत क्षेत्र में भारत की रणनीतिक स्थिति को भी मजबूती प्रदान करेगा।

Stay connected with Kotputli News for latest updates.


📲 Share on WhatsApp
✍️ By Pradeep Yadav | 03 Jul 2026