बाली यात्रा की तैयारियों के बीच अचानक सामने आया एक नया विवाद, जिसने साहिल गोयल को फिर से चर्चा में ला दिया। एक टैक्सी ड्राइवर ने सार्वजनिक रूप से कहा कि उसने सिया को टैक्सी में बैठने नहीं दिया, और यह बयान साहिल गोयल के नाम को एक बार फिर जांच के बिंदु पर लाकर खड़ा कर दिया। इस संदर्भ में पुलिस ने मामले की गहराई से जांच करने का आदेश दिया है, क्योंकि सिया और साहिल के बीच के संबंधों को लेकर कई सवाल उठे हैं। पहले भी दो साल पहले पुने में हुई हत्या के मामले में सिया की सुरक्षा को लेकर अनेक आरोप लगे थे, और इस नई घटना ने उन पुरानी बातों को फिर से झकझोर दिया। सिया ने पहले भी कहा था कि वह टैक्सी में बैठना नहीं चाहती थी, क्योंकि वह अपनी सुरक्षा को लेकर सतर्क रहती थी। इस बात को सुनकर कई दर्शकों ने आरोप लगाना शुरू कर दिया कि सिया और साहिल के बीच के संबंध में कुछ छिपा हुआ हो सकता है। वहीं, पुलिस ने यह स्पष्ट किया कि टॉक्सीड्राइवर के बयान को मात्र सूचना के रूप में लिया गया है और इसपर आगे की जांच की जाएगी। इसके साथ ही पुने हत्या केस में सिया के साथ जुड़े कई अन्य आरोप भी फिर से उभरे, जैसे कि उसके द्वारा दी गई 'बैठने' की संकेत से उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की कोशिश। वर्तमान में जांच एजेंसियों ने कई प्रमुख साक्ष्य एकत्रित किए हैं, जिनमें टैक्सी की जीपीएस रिकॉर्ड, ड्राइवर के बयान, और सिया के साथ हुई बातचीत के रिकॉर्ड शामिल हैं। इसके अलावा, साहिल गोयल की यात्रा योजनाओं और बैंक लेनदेन की भी जांच चल रही है। यह सभी तथ्य यह स्पष्ट करने में मदद करेंगे कि सिया के सुरक्षित रहने के प्रयास में वास्तव में क्या हुआ और क्या यह सब एक व्यक्तिगत त्रुटि थी या बड़े षड्यंत्र का हिस्सा। अंत में कहा जा सकता है कि साहिल गोयल के खिलाफ अब तक की जांच में कई मोड़ आए हैं, और यह मामला अभी समाप्त नहीं हुआ है। सिया की सुरक्षा को लेकर उठाए गए सवालों ने इस बात का संकेत दिया है कि भविष्य में ऐसे मामलों में अधिक सतर्कता और पारदर्शिता की आवश्यकता होगी। अब यह देखना बाकी है कि आगे की जांच में किस प्रकार के निष्कर्ष सामने आते हैं और क्या साहिल गोयल को कानूनी रूप से उत्तरदायित्व मानते हुए कोई कदम उठाया जाएगा।