केतन अग्रवाल की कलह भरी हत्या के पीछे सिय़ा गोयल और उसके प्रेमी चेटन के कदमों की गहरी जाँच ने एक नया रहस्य उजागर किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों ने अपराध को अंजाम देने से पहले कई बार घटना स्थल की नकल की, ताकि योजना बखूबी तैयार हो सके। यह तथ्य मिलिट्री जैसी तैयारी वाले इस काण्ड को और भी रहस्यमयी बनाता है। जांच के दौरान पता चला कि सिय़ा और चेटन ने लोहगड किला पर अपराध स्थल की पुनःसृजन करने के लिए कई बार यात्रा की, जहाँ उन्होंने मेल मिलाप से लेकर लढ़ाइयों तक के सब कुछ दोहराया। वह स्थल, जहाँ केतन को गोली मार दी गई, को दोबारा देख कर उन्होंने अपने हथियारों की स्थिति, सुरक्षा गश्त के खामी और आसपास के लोगों की प्रतिक्रिया को ध्यान में रखा। यह बार-बार की गई रीहर्सल की प्रक्रिया, साथ ही एक अनकही क्रिकेट मैच की वीडियो, जिसे बाद में मीडिया ने उजागर किया, ने इस काण्ड को एक बड़े षड्यंत्र की तरह पेश किया। पुलिस की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि सिय़ा और चेटन ने अपने परीक्षण के दौरान कई बार वही कदम उठाए – जैसे कि किले के भीतर गश्त के बिंदुओं को नोट करना, गंदे रास्तों से बचते हुए काले कपड़े पहनना, और हथियारों की सुरक्षा को कम करके आगे बढ़ना। इस दौरान उन्होंने गुप्त रूप से रेकॉर्डिंग उपकरण भी छुपा रखे थे, जिससे उन्हें बाद में विस्तृत योजना का रिकॉर्ड मिल सका। इन तैयारियों ने अपराध को पूरी तरह से योजनाबद्ध बनाय दिया, जिससे यह साबित हो गया कि यह हत्या एकजुट और सोची-समझी साजिश थी। अंत में, इस काण्ड को लेकर निष्कर्ष निकाला जा रहा है कि सिय़ा और चेटन ने न केवल पूर्व नियोजन किया, बल्कि अपने इरादों को क्रियान्वित करने के लिए कई बार रिहर्सल करके सभी संभावित जोखिमों को कम करने का प्रयास किया। यह घटना भविष्य में अपराध रोकथाम के लिए एक चेतावनी बन सकती है, जहाँ अपराधी भी योजनाबद्ध और रणनीतिक कदम उठाते हैं। पुलिस अब इस योजना के सभी पहलुओं को पूरी तरह से उजागर करने के लिए आगे की जांच जारी रखेगी, ताकि दोषियों को सख्त सजा दिलाई जा सके और समाज में न्याय की पुनर्स्थापना हो सके।