📰 Kotputli News
Breaking News: इरान ने 120वें युद्ध दिवस पर यू.एस. के हमलों की कड़ी निंदा, मोआउ के उल्लंघन का आरोप
🕒 1 hour ago

आज इरान के इतिहास में 120वाँ युद्ध दिवस बनकर आया है, जिसके साथ ही तेहरान ने अमेरिका द्वारा किए गए तिक्ष्ण हवाई हमलों की तीव्र निंदा की है। इरानी अधिकारियों ने कहा कि इस कड़ी कार्रवाई न केवल आय क्षेत्र की शांति को खतरे में डालती है, बल्कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा दो पक्षों के बीच हस्ताक्षरित समझौते (MoU) का स्पष्ट उल्लंघन भी है। इस साल की शुरुआत से ही पश्चिमी एशिया में तनाव बढ़ता ही जा रहा है, और यू.एस. के इस नवीनतम हमले ने पहले से ही मौजूद अस्थिर माहौल को और अधिक बिगाड़ दिया है। इरान ने कहा कि यह हमला इराक, सीरिया और यमन में चल रहे संघर्ष को और अधिक हिंसक बना देगा, और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को सख्त कदम उठाकर इस प्रकार के आक्रमण को रोकना चाहिए। तेहरान के विदेश मंत्री ने बताया कि वह इस कार्रवाई को "रक्तपातक हमले" और "अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन" के रूप में देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि इरान इस मोआउ—जिसमें दोनों पक्षों ने आपस में किसी भी सैन्य कार्रवाई से बचने का वचन दिया था—को पूरी तरह से निरस्त्र करने की मांग कर रहा है। इसके अलावा, इरानी सैन्य प्रतिनिधियों ने दिखाया कि उन्होंने अमेरिकी बमबारी के घावों को दिखाते हुए वीडियो जारी किया है, जिसमें बड़े पैमाने पर बंजर भूमि और जमीनी इन्फ्रास्ट्रक्चर को ध्वस्त होते हुए दिखाया गया है। इस घटना के बाद, एशियाई देशों ने भी इस मुद्दे पर अपनी-अपनी राय व्यक्त की, कई देशों ने इरान की मंशा को समझाने के लिए कहा कि वह केवल अपने क्षेत्र की सुरक्षा के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे मध्य पूर्व के शांतिपूर्ण भविष्य के लिए भी काम कर रहा है। अमेरिका की ओर से इस हमले को "सुरक्षा कारणों" और "इज़राइल की सुरक्षा सुनिश्चित करने" के नाम पर उचित बताया गया है, परंतु इरान यह मानता है कि यह कदम केवल उसके खिलाफ के प्रतिशोधी कार्रवाई है, जिससे दोनों देशों के बीच पहले से ही तनावग्रस्त संबंध और अधिक बिगड़ेंगे। एशिया के कई प्रमुख शासक देशों ने इस कदम के प्रतिकूल प्रभावों पर भी चेतावनी दी, कहा कि इस तरह की कार्यवाही हर क्षेत्र में अराजकता और मानवीय पीड़ा को बढ़ावा देती है। एशिया के कई राष्ट्र ने अब इस स्थिति में अपने समुद्री मार्गों को सुरक्षित रखने की दिशा में नई रणनीतियों को अपनाने की घोषणा की है, जिससे हॉर्मुज जलडमरूमध्े का व्यापारिक परिवहन भी प्रभावित हो सकता है। इस तनावपूर्ण माहौल के बीच संयुक्त राष्ट्र ने भी एक बार फिर शांति बहाली के लिए मध्यस्थता का प्रस्ताव रखा है। यू.एन. एजेंसी ने स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज में जहाज़ों की आवाजाही को रोक दिया है, जिससे क्षेत्रीय व्यापार में व्यवधान आया है। इरान ने वादे के तहत सभी बंधनों को तोड़ने की धमकी नहीं दी, परंतु उसने यह स्पष्ट रूप से कहा कि वह अपने राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा के लिये हर संभव कदम उठाएगा। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस मुठभेड़ को शांतिपूर्ण रूप से सुलझाने की दिशा में शीघ्र कार्यवाही करनी होगी, अन्यथा मध्य पूर्व का भविष्य और भी अनिश्चित हो सकता है। अंत में यह कहा जा सकता है कि इरान और यू.एस. के बीच यह नवीनतम संघर्ष न केवल दो देशों के बीच संबंधों को घटाता है, बल्कि पूरे पश्चिमी एशिया के शांति संधि को भी धूमिल करता है। दोनों पक्षों को समझौते का सम्मान करना चाहिए और किसी भी सैन्य कार्रवाई से पहले राजनैतिक मार्गों को अपनाना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भी एकजुट होकर इस खतरनाक मोड़ को टालने के लिए रणनीतिक कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि इस क्षेत्र में दोबारा बड़े पैमाने पर युद्ध की स्थिति न बन जाए।

Stay connected with Kotputli News for latest updates.


📲 Share on WhatsApp
✍️ By Pradeep Yadav | 27 Jun 2026