जाने वाले जुलाई महीने से भारत में पासपोर्ट प्राप्त करने के खर्च में बड़ा बदलाव आया है। केंद्र सरकार ने नई नियमावली जारी की है जिसमें सामान्य (नॉन‑टैटकल) पासपोर्ट की फीस अब दो हजार पाँच सौ रुपये तय की गयी है, जबकि तत्काल (टैटकल) सेवा के लिए यह राशि छह हजार रुपये तक पहुँच सकती है। इस नई शुल्क व्यवस्था का उद्देश्य पासपोर्ट विभाग की तेज़ और सुगम सेवा सुनिश्चित करना तथा प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना बताया गया है। पहले नए पासपोर्ट के लिए आवेदकों को केवल एक हजार दो सौ रुपये का भुगतान करना पड़ता था, पर अब यह राशि दोगुनी से अधिक हो गई है। टैटकल सेवा, जो आवेदन के बाद तेज़ डिलिवरी के लिए लोकप्रिय है, उसके लिए अब पाँच हजार रुपये का बुनियादी शुल्क है, और अतिरिक्त सुविधाओं एवं त्वरित प्रक्रिया को देखते हुए इस पर अतिरिक्त एक हजार रुपये तक का चार्ज लग सकता है। यह परिवर्तन सभी पासपोर्ट कार्यालयों और ऑनलाइन पोर्टलों पर समान रूप से लागू होगा, जिससे सभी नागरिकों को समान शुल्क का सामना करना पड़ेगा। नयी शुल्क तालिका के अनुसार, सामान्य पासपोर्ट के लिये 2,500 रुपये के अलावा 200 रुपये की प्रॉसेसिंग फीस और 100 रुपये का डाक खर्च भी शामिल है। टैटकल सेवा में 5,000 रुपये के मुख्य शुल्क के साथ 500 रुपये की अतिरिक्त प्रक्रिया शुल्क तथा 100 रुपये का डाक खर्च जुड़ता है। यदि आवेदक 48 घंटे से कम समय में पासपोर्ट प्राप्त करना चाहता है, तो अतिरिक्त 1,000 रुपये का त्वरित प्रोसेसिंग चार्ज भी वहन करना पड़ेगा। इस प्रकार, कुल खर्च में वृद्धि का आधार सुविधा, गति और सुरक्षा को बेहतर बनाने की दिशा में किया गया उपाय है। इस बदलाव के जवाब में कई नागरिकों ने प्रश्न उठाए हैं कि बढ़ती फीस से आम जनता पर क्या असर पड़ेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि पासपोर्ट के महत्व को देखते हुए, इस खर्च को निवेश के रूप में देखना चाहिए क्योंकि पासपोर्ट विदेशी यात्रा, विदेश में रहने और अंतरराष्ट्रीय व्यापार जैसे क्षेत्रों में एक अनिवार्य दस्तावेज़ बन चुका है। साथ ही, पारदर्शी शुल्क संरचना से भ्रष्टाचार में कमी और प्रक्रिया की गति में सुधार की उम्मीद है। संक्षेप में, जुलाई एक से लागू नई पासपोर्ट शुल्क प्रणाली सामान्य पासपोर्ट को 2,500 रुपये तथा टैटकल सेवा को अधिकतम 6,000 रुपये तक कर देती है। यह बदलाव पासपोर्ट प्रक्रिया को अधिक सुगम, तेज़ और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से किया गया है। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी आवश्यकताओं के अनुसार सामान्य या तत्काल सेवा का चयन करें और नई फीस संरचना को ध्यान में रख कर आवेदन प्रक्रिया पूरी करें।